हरियाणा में धुंध के बीच प्रदूषण के हालात बिगड़ गए हैं। दिल्ली एनसीआर में आते प्रदेश के 14 शहरों में वायु की गुणवत्ता बदतर स्थिति में पहुंच गई है। सबसे बुरी स्थिति गुरुग्राम में है, जहां सोमवार सुबह वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 576 रहा, जो बहुत खतरनाक की श्रेणी में आता है। इसमें सांस लेना 27 सिगरेट पीने से भी ज्यादा नुकसानदेह है।
स्थिति बिगड़ती देख हरियाणा सरकार ने 8 जिलों में 5वीं तक के स्कूल बंद कर दिए हैं। इनमें गुरुग्राम, रेवाड़ी, झज्जर, सोनीपत, पानीपत, रोहतक, जींद और नूंह शामिल हैं। नूंह में 18 से 22 तक नवंबर तक छुट्टी रहेगी।
वहीं सोनीपत के DC डॉ. मनोज कुमार ने सोमवार को पांचवीं कक्षा तक के स्कूलों की छुट्टी करने के आदेश जारी किए थे, लेकिन AQI गंभीर श्रेणी में होने के चलते सभी स्कूलों में अगले आदेशों तक छुट्टी रहेगी। इस दौरान ऑनलाइन कक्षाएं जारी रहेंगी।


वहीं एनसीआर में आते प्रदेश के 14 शहरों फरीदाबाद, गुरुग्राम, नूंह, रोहतक, सोनीपत, रेवाड़ी, झज्जर, पानीपत, पलवल, भिवानी, चरखी दादरी, महेंद्रगढ़, जींद और करनाल में दिल्ली के साथ ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) यानी ग्रैप का चौथा चरण लागू कर दिया गया है।
ग्रैप-4 आज 18 नवंबर (सोमवार) सुबह 8 बजे से प्रभावी हो गया है। जिसकी वजह से कन्स्ट्रक्शन के सभी काम रोक दिए गए हैं। वहीं दफ्तरों में भी 50% स्टाफ कम करने को कहा गया है।
ग्रैप 4 लागू होने से हरियाणा में ट्रांसपोर्ट, इंडस्ट्रीज और परिवहन सेवाओं पर असर पड़ेगा। इसके अलावा एनसीआर में आते प्रदेश के 14 जिलों में विकास कार्य प्रभावित होंगे, जब तक प्रदूषण कम नहीं होगा निर्माण व अन्य गतिविधियों की इजाजत नहीं होगी। दिल्ली में डीजल वाहनों का प्रवेश बंद होने से हरियाणा से दिल्ली आने-जाने वाले माल पर असर पड़ेगा। इससे फल-सब्जी और दूध महंगे हो सकते हैं।
