करनाल में नियम 134A के तहत 2433 बच्चों के दाखिले होने बाकी हैं। ऐसे में कोविड गाइड लाइन के अनुसार 12 जनवरी तक स्कूलों को बंद करने के आदेश पारित किए हैं। 134A के तहत जिन बच्चों ने पेपर पास किया हुआ है। उन्हें स्कूल बंद के दौरान दाखिला कैसे होगा, ये चिंता सता रही है।
वहीं जिला शिक्षा अधिकारी रोहताश वर्मा का कहना है कि छुटि्टयों के दौरान भी बच्चों को दाखिला दिलवाने की प्रक्रिया को अमल में लाया जाएगा। 134A के पेपर पास करने वाले सभी बच्चों को दाखिला दिया जाएगा। छुटि्टयाें के दौरान दाखिले की प्रक्रिया के लिए अनुमति ले ली जाएगी।
उधर सहोदय कांप्लेक्स करनाल के राजन लांबा का कहना है कि पिछले साल का अभी पैसा बैंक खाते में नहीं आया है, अभी विद्यार्थियों के परिवार पहचान पत्र की भी जांच होना बाकी है। विभाग के साथ एडमिशन को लेकर बातचीत चल रही है। जल्द ही एडमिशन को लेकर समाधान निकलेगा।
नियम 134A के तहत पहले ड्रॉ के तहत जिले से 283 स्कूलों में से 48 निजी स्कूलों ने ही अभी तक 332 विद्यार्थियों को एडमिशन दिया है। जबकि पहले ड्रॉ के तहत जिले से 2 हजार 765 विद्यार्थियों को एडमिशन दिया जाना है। अभी भी 2 हजार 433 विद्यार्थी एडमिशन नहीं ले पाए हैं। दाखिला न देने वाले स्कूलों पर शिक्षा विभाग द्वारा अभी तक काेई कार्रवाई नहीं की गई।
निजी स्कूलों का अभी तक कोई पैसा बैंक अकाउंट में नहीं गया है। जिसके कारण अभी भी निजी स्कूल पैसा न आने को लेकर अभिभावक को स्कूलों से वापिस भेज रहे है। विभाग की ओर से कहा जा रहा है कि निजी स्कूलों का बिल बैंक खातों में भेजने के लिए बिल ट्रेजरी में भेजा जा चुका है। जल्द ही निजी स्कूलों के खाते में पैसा भेजा जाएगा। जबकि 22 स्कूलों करनाल के ऐसे है जिन्होंने अभी तक पोर्टल पर बैंक खाते की जानकारी नहीं दी है।
निजी निजी स्कूलों द्वारा 16 डॉक्यूमेंट जो लेटर डीईओ ऑफिस, इनकम सर्टिफिकेट, ईडब्ल्यूएस/ बीपीएल, एससी/बीसी/ एसटी सर्टिफिकेट, पेन कार्ड, राशन कार्ड, आधार कार्ड, पिछले स्कूल लिविंग सर्टिफिकेट, माता-पिता जॉब सर्टिफिकेट, हाउस रिलेटेड, एग्रीकल्चर जानकारी, बर्थ सर्टिफिकेट, इनकम टैक्स रिटर्न, रिपोर्ट कार्ड, बैंक स्टेटमेंट पिछले छह माह की, फोटोग्राफर विद्यार्थी व फैमिली फोटो आदि मांगे गए हैं।
अभिभावक ईश्वर दयाल, अजमेर, दीपिका, रोशन ने बताया कि विद्यार्थियों के सत्र का समय केवल तीन माह का रह गया है। बच्चों की परीक्षाएं भी आगे आने वाली है, बच्चे कैसे परीक्षा देंगे। सरकार ने बच्चों का भविष्य अंधेरे में डाल दिया है। इससे अच्छा सरकार अगले नए सत्र से ही नियम 134A के दाखिल करती। विद्यार्थी कब एडमिशन लेकर स्कूलों में जाना शुरू करेंगे, यह समझ नहीं आ रहा है।

