हरियाणा में प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों की बड़ी लापरवाही सामने आई है। प्रदेश के सभी प्राइवेट मेडिकल कॉलेज अपने इंटर्न और पीजी स्टूडेंट्स को स्कॉलरशिप के नाम पर शोषण कर रहे हैं। कई कॉलेज स्टूडेंट्स को मिलने वाली स्कॉलरशिप तक नहीं दे रहे हैं, और जो दे रहे हैं वह उसमें 50 प्रतिशत तक की कटौती कर रहे हैं।
नियम के मुताबिक, स्टूडेंट्स को अधिकतम 91 हजार रुपए स्कॉलरशिप का प्रावधान है, लेकिन कॉलेज प्रबंधन सिर्फ उन्हें 40 हजार रुपए महीने का ही भुगतान कर रहे हैं। इसका खुलासा तब हुआ जब सीएम विंडो पर इसकी शिकायत पहुंची। इसके बाद चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान विभाग (DMER) अलर्ट मोड पर आ गया है।
सूत्रों के अनुसार, DMER ने मेडिकल कॉलेजों पर अपने इंटर्न और पीजी छात्रों को स्कॉलरशिप के पेमेंट में एनएमसी और राज्य सरकारों द्वारा जारी दिशा निर्देशों का उल्लंघन करने का आरोप लगाने वाली शिकायतें मिलने पर पत्र जारी किया है।
नियमों के अनुसार, राज्य सरकार की 9 अगस्त, 2023 को जारी नोटिफिकेशन में भी स्पष्ट रूप से कहा गया है कि एमडी-एमएस पाठ्यक्रम की विशेषताओं के बावजूद सभी पीजी छात्रों को सरकार द्वारा पीजी छात्रों को दिए जाने वाले वजीफे के बराबर वजीफा दिया जाएगा।

