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मोदी सरकार का फैसला! हर साल 25 जून को मनेगा संविधान हत्या दिवस, इंदिरा गांधी ने इसी दिन लगाई थी इमरजेंसी

हमारे संविधान में तीन प्रकार की आपात स्थितियों राष्ट्रीय आपातकाल, राज्य आपातकाल और वित्तीय आपातकाल का उल्लेख किया गया है. हमारे संविधान के अनुच्छेद 352 के अंतर्गत राष्ट्रपति को राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा करने का अधिकार है.

मोदी सरकार (Modi Government) ने एक बड़ा फैसला किया है. हर साल 25 जून को संविधान हत्या दिवस (Samvidhaan Hatya Diwas) मनाने का निर्णय लिया है. इसको लेकर नोटिफिकेशन भी जारी किया है. तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी (Prime Minister Indira Gandhi) ने इसी दिन 25 जून 1975 को देश में आपातकाल (Emergency) लागू करने की घोषणा की थी. अब मोदी सरकार ने कांग्रेस (Congress) को घेरते हुए इस दिन को संविधान हत्या दिवस के रूप में मनाने का फैसला किया है. 

गृह मंत्री अमित शाह (Home Minister Amit Shah) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर आपातकाल को लेकर ट्वीट किया है. उन्होंने लिखा है कि अब हर साल 25 जून को संविधान हत्या दिवस (Constitution Assassination Day) मनाया जाएगा. उन्होंने कहा कि 1975 में इसी दिन कांग्रेस सरकार ने इमरजेंसी लगाई थी और लाखों निर्देश लोगों को सलाखों के पीछे डाला दिया गया था. गृह मंत्री अमित शाह ने लिखा है कि इस दिन तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने तानाशाही मानसिकता का परिचय देते हुए देश पर आपातकाल थोपकर हमारे लोकतंत्र की आत्मा का गला घोंट दिया था.

उन्होंने कहा कि संविधान हत्या दिवस उन सभी लोगों के महान योगदान को याद करेगा, जिन्होंने 1975 के आपातकाल के अमानवीय दर्द को सहन किया. अमित शाह ने एक्स पर लिखा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा लिए गए इस निर्णय का उद्देश्य उन लाखों लोगों के संघर्ष का सम्मान करना है, जिन्होंने तानाशाही सरकार की असंख्य यातनाओं व उत्पीड़न का सामना करने के बावजूद लोकतंत्र को पुनर्जीवित करने के लिए संघर्ष किया.

पीएम मोदी (PM Modi) ने गृह मंत्री के पोस्ट पर क्या लिखा
पीएम मोदी ने गृह मंत्री अमित शाह के पोस्ट पर रिप्लाई करते हुए एक्स पर लिखा है, 25 जून को संविधान हत्या दिवस के रूप में मनाना इस बात की याद दिलाएगा कि क्या हुआ था, जब भारत के संविधान को कुचल दिया गया था. यह हर उस व्यक्ति को श्रद्धांजलि देने का भी दिन है, जो आपातकाल की ज्यादतियों के कारण पीड़ित हुए थे, जो भारतीय इतिहास में कांग्रेस द्वारा लाया गया काला दौर था.

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