रोहतक में विभिन्न मांगों को लेकर नगर निगम और नगर पालिका के सफाई कर्मचारी पिछले कई दिनों से हड़ताल पर हैं। इसे लेकर हरियाणा सरकार ने प्रदेश में एस्मा यानी आवश्यक सेवा संरक्षण अधिनियम लगा दिया है। इसके तहत किसी भी तरह की हड़ताल करने पर पूरी तरह रोक रहेगी। सरकार के इस फैसले के विरोध में कर्मचारियों का गुस्सा सातवें आसमान पर है। शुक्रवार को रोहतक में भी कर्मचारियों ने सड़क पर उतरकर सरकार के विरोध में जमकर नारेबाजी की। उन्होंने कहा कि 3 दिन में अगर सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानी तो यह हड़ताल अनिश्चितकालीन करने को लेकर फैसला लिया जाएगा।
ठेका प्रथा समाप्त करने समेत अन्य मांगों के विरोध में प्रदेशभर में सफाई कर्मचारी पिछले कई दिनों से हड़ताल पर हैं। त्योहारों के सीजन में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के चलते शहरों में सफाई व्यवस्था चरमरा गई है। इसी को देखते हुए हरियाणा सरकार ने एस्मा लगाने का ऐलान कर दिया है। इसे लेकर हड़ताल कर रहे कर्मचारियों में काफी गुस्सा है।
नगर निगम सफाई कर्मचारी यूनियन के जिला प्रधान संजय बिड़लान ने बताया कि कई दौर की वार्ता के बाद भी हरियाणा सरकार ने उनकी मांगों पर विचार नहीं किया है। अनिल विज के निकाय मंत्री रहते हुए भी उनकी मांगों को लेकर आश्वासन दिया गया था। इसके बावजूद भी उनकी मांगें पूरी नहीं की गई है। कर्मचारियों को उम्मीद थी कि दिवाली तक उनकी मांगे पूरी हो जाएंगी, लेकिन मौजूदा मंत्री कमल गुप्ता ने कर्मचारियों की मांगे पूरी करने की बजाए उन्हें हड़ताल खत्म करने की धमकी दी और एस्मा लागू कर दिया। उन्होंने कहा कि वें एस्मा से डरने वाले नहीं है। उन्होंने सरकार को 3 दिन का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि अब भी उनकी मांगे पूरी नहीं हुई तो वें अनिश्चितकालीन हड़ताल करने के लिए मजबूर होंगे, जिसकी जिम्मेदारी पूरी तरह सरकार की होगी।

