रोहतक के गांव खड़वाली के युवक को कबूतरबाजी में फंसाकर 35 लाख रुपए ठगने का मामला सामने आया है। पानीपत निवासी आरोपियों ने अमेरिका भेजने का सपना दिखाकर झांसे में फंसाया। जिसके बाद पीड़ित के पिता ने बेटे को विदेश भेजने के लिए अपनी करीब डेढ़ एकड़ जमीन भी बेच दी। लेकिन आरोपियों ने फर्जी दस्तावेजों से ही पीड़ित को विदेश भेजने के नाम पर रुपए ऐंठ लिए।
विजय कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसका फूफा पानीपत के गांव गढ़ी छाछू का रहने वाला है। जिसके कारण उनकी मुलाकात गढ़ी छाछू निवासी सुनील उर्फ शीला से हुई। रिश्तेदारों के साथ उसका आना-जाना घर पर हुआ। बातचीत के दौरान आरोपी सुनील उर्फ शीला ने विजय से कहा कि उसके भाई बलजीत को अमेरिका भेज सकता हूं। क्योंकि उसकी पत्नी स्पेन में रहती है। साथ ही वे लोगों को विदेश भेजते हैं।
आरोपी ने कहा कि वह अपने साथियों के साथ लोगों को विदेश भेजता है और वहां काम भी दिलवाता है। इसके लिए उसने 35 लाख रुपए की मांग की थी। बेरोजगारी को देखते हुए पीड़ित का परिवार उसकी झांसे में आ गया। इसके बाद पीड़ित के दस्तावेज मंगवाए और डेढ़ लाख रुपए भी ले लिए और कहा बाकी पैसे विदेश जाने के बाद देने होंगे। उन्हें कई बार दिल्ली व मुंबई भी बुलाया।
पीड़ित ने बताया कि 21 जुलाई 2022 को आरोपी सुनील का फोन आया और कहा कि अमेरिका का वीजा लग गया। इसके दो दिन बाद फोन आया कि 8 लाख रुपए देने पड़ेंगे फिर टिकट होगी। जिसके बाद आरोपी को 8 लाख रुपए दे दिए। इसके बाद आरोपी सुनील घर आया और कहा कि 4 सितंबर की टिकट हुई है। साथ ही कहा कि बाकी के 25 लाख 50 हजार रुपए तैयार रखना और उसी दिन देने होंगे।
पीड़ित ने कहा कि इसके लिए उसके पिता ने करीब डेढ़ एकड़ जमीन 24 लाख रुपए के हिसाब से सौदा कर लिया। उससे 30 लाख रुपए पहले ले लिए। इसके बाद आरोपी सुनील, उसकी पत्नी सोनिया व विशाल पीड़ित को मुंबई एयरपोर्ट पर छोड़कर गांव खिड़वाली आ गए और विश्वास में लेकर बकाया पैसे ले लिए।
पीड़ित ने बताया कि जब वह वाशिगंटन पहुंचा तो अधिकारियों ने कहा कि कागजात नकली हैं। जिसके कारण वापस हिंदुस्तान भेज दिया। दिल्ली एयरपोर्ट पर वापस पहुंचा तो आरोपी वहां पर मिले। उन्होंने फिर स्पेन भेजने का विश्वास दिलाया और कागजात वापस ले लिए। दो-तीन माह बीत जाने के बाद परिवार वालों को संदेह हुआ। मांगने पर आरोपियों ने न तो पैसे दिए और न ही कागजात दिए।
पीड़ित ने कहा कि जब पैसे वापस मांगे तो जनवरी 2023 में आरोपी सुनील उसके फूफा के साथ घर पर आया और 10 दिन का समय मांगा। 24 फरवरी को परिवार वाले पानीपत के गांव छाछू पहुंचे और अपने फूफा को लेकर आरोपी सुनील के घर गए। आरोपी वहां से भाग गया। लेकिन गांव के सरपंच के माध्यम से सुनील को बुलाया तो उसने गलती मानी।
उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपी सुनील ने कहा कि उसने साढ़े 9 लाख पीड़ित के रिश्तेदार को दे रखे हैं। जिस पर उनके रिश्तेदार ने साढ़े 9 लाख रुपए देने की हामी भरी। वहीं बाकी के साढ़े 25 लाख रुपए दिलाने की जिम्मेदारी सरपंच के भाई ने ली। 5 लाख नकद दे दिए और बकाया साढ़े 20 लाख रुपए दो माह में देने का इकरार हुआ।
दो माह बीतने के बाद भी पैसे नहीं दिए। 30 अप्रैल को वे फिर आरोपी सुनील के घर गए तो वहां उसके घरवाले मिले, जिन्होंने झगड़ा शुरू कर दिया। सरपंच ने भी उनका ही पक्ष लिया। इसके बाद पीड़ित ने मामले की शिकायत पुलिस को दे दी। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी।

