हरियाणा के रोहतक जिले की झज्जर चुंगी स्थित विजय नगर की बाग वाली गली में गत 27 अगस्त को हुए बहुचर्चित चौहरे हत्याकांड में बड़ा मोड़ आया है। परिवार के तीन सदस्यों समेत चार की हत्या होने के बाद एकलौता बचा परिवार का सदस्य हत्यारोपी अभिषेक उर्फ मोनू सुनारिया जेल में कैद है। घर सूना पड़ा है, जिसकी रखवाली मृतक पहलवान बबलू के भाई-भाभी कर रहे हैं। लेकिन इस मकान में चोरी हो गई है। चोरों ने मकान से आभूषण, हत्यारोपी के कमरे से दस्तावेज समेत कई अन्य चीजें चुरा ली हैं। मामले की शिकायत बबलू के ससुर ने पुलिस को दी। शिकायत में दो महिलाओं समेत 5 को नामजद किया गया है। पुलिस ने केस दर्ज करके मामले की आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है।
शिवाजी कॉलोनी थाना पुलिस को दी शिकायत में राजेंद्र सिंह ने बताया कि वह सांपला का रहने वाला है। उसकी बेटी बबली, दामाद बबलू, पत्नी रोशनी व भांजी तमन्ना की 27 अगस्त को विजय नगर में गोलियां मारकर हत्या कर दी गई थी। हत्या के आरोप में भांजा अभिषेक सुनारिया जेल में बंद है। मामला कोर्ट में विचाराधीन है। बेटी बबली के सूने पड़े मकान को संभालने की जिम्मेदारी उसकी देवरानी मीना व पति संदीप मलिक को सौंपी गई है। 16 अक्टूबर की शाम करीब 4 बजे संदीप ने बबलू के साले प्रवीन को फोन किया। उसने कहा कि भाई प्रवीन मुझसे गलती हो गई और मैंने आपको बिना बताए मकान की चाबी किसी को दे दी थी। इसके बाद मीना ने कहा कि बाला पत्नी विजय, उसका लड़का साहिल उर्फ मोनू, बाला की बड़ी बहन नीता उसके बेटे नवीन और प्रवीन ने उससे जबरदस्ती चाबी मांगी। मीना ने उन्हें यह भी कहा कि उसका पति अभी घर नहीं है, उसके आने के बाद ले लेना। लेकिन उन्होंने जबरदस्ती उससे मकान की चाबी ले ली।
चाबी लेने के बाद सभी पांचों आरोपी ताला खोलकर एक साथ बबली के मकान में घुसे और घर की तलाशी लेनी शुरू कर दी। तलाशी के दौरान आरोपियों ने चौहरा हत्याकांड के आरोपी अभिषेक उर्फ मोनू के कमरे की भी तलाश ली। पूरे घर की तलाशी लेने पर आरोपी घर से आभूषण, कागजात, अभिषेक के कमरे से भी कागजात समेत अन्य चीजों को चुराकर मौके से फरार हो गए।
राजेंद्र ने बताया कि उसे नहीं पता उनकी गैर मौजूदगी में आरोपी कब-कब उस घर में आते थे। घर की तलाशी लेते थे और जो कुछ मिलता उसे साथ ले जाते थे। आरोपियों ने घर से और भी बहुत कुछ चुरा लिया होगा।

