रोहतक से होकर गुजर रही झज्जर सब ब्रांच (JSB) नहर में सोमवार दोपहर करीब पौने 2 बजे डूबs 2 युवकों का 16 घंटे बाद भी कोई सुराग नहीं लगा मंगलवार सुबह फिर से नहर में तलाशी अभियान चलाया जाएगा। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस व ग्रामीणों ने युवकों की तलाश शुरू कर दी थी, लेकिन सोमवार देर रात तक दोनों नहीं मिल पाए थे। युवक JSB नहर में जहां नहाने उतरे थे, वहां से करीब एक-दो किलोमीटर दूरी तक के एरिया में दोनों की तलाश की गई। रात में दृश्यता कम होने के कारण सर्चिंग अभियान धीमा हो गया।
बता दें कि सोमवार दोपहर को रोहतक के सेक्टर-4 का राहुल कलसन और सुनारिया चौक का हिमांशु नहर में नहाने के लिए गांव मायना के नजदीक के गुजर रही JSB में पहुंचे। दोनों की उम्र 23 वर्ष थी। दोनों एक साथ नहर में नहाने उतरे। दोनों ने पहले अपना मोटर साइकिल व स्कूटी नहर किनारे खड़ी की और कपड़े उतारकर नहर में छलांग लगा दी। इन दोनों के साथ राहुल का चचेरा भाई भी नहाने आया था। तीनों जब पानी में उतरे तो तेज बहाव के कारण राहुल और हिमांशु का संतुलन बिगड़ गया। जब तक दोनों संभल पाते, पानी उन्हें साथ बहा ले गया।
राहुल और हिमांशु को पानी में बहता देखकर उनके साथ नहा रहे राहुल के चचेरे भाई ने शोर मचाया, जिसे सुनकर आसपास के लोग जमा हो गए। कुछ युवक राहुल और हिमांशु को ढूंढने के लिए पानी में उतरे। पानी के तेज बहाव को देखते हुए युवाओं ने एक रस्सी के सहारे दोनों की तलाश की। गोताखोरों को भी राहुल और हिमांशु की तलाश में लगाया गया। हालांकि कई घंटे बाद भी दोनों का कुछ पता नहीं चल पाया। हादसे के बाद संबंधित महकमे के अधिकारियों को जानकारी देकर नहर में पानी भी कम कराया गया।
राहुल के पिता सत्यवीर सिंह कलसन सुप्रीम कोर्ट में एडवोकेट हैं। सत्यवीर सिंह ने बताया कि उनके दो बेटे और एक बेटी है। राहुल तीनों भाई-बहनों में सबसे छोटा है और ग्रेजुएशन कर चुका है। अब राहुल एलएलबी करना चाहता था और आजकल उसी की तैयारियों में लगा था। सबसे छोटा होने के कारण राहुल परिवार में सबका लाडला था।
सत्यवीर सिंह कलसन ने बताया कि उन्हें सोमवार को एक काम के सिलसिले में कहीं जाना था। घर से निकलने से पहले उन्होंने राहुल से कहा था कि वह दिनभर घर में ही रहे क्योंकि घर पर और कोई नहीं था। लेकिन वह अपने दोस्तों के साथ नहाने आ गया। युवकों के परिवार वालों ने बताया कि राहुल अपने चचेरे भाई और दोस्त हिमांशु के साथ बाइक पर नहर पर पहुंचा था।
