रोहतक से भाजपा की जिला परिषद चेयरपर्सन मंजू हुड्डा के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग 12 नवंबर को होगी। इससे पहले भी दो बार अविश्वास प्रस्ताव के लिए डेट निर्धारित की गई, लेकिन दोनों बार ही वोटिंग किन्हीं कारणों से टालनी पड़ी। अब 12 नवंबर को उन्हें अपना बहुमत साबित करना होगा।

बता दें की रोहतक में जिला परिषद के 14 पार्षद हैं। वहीं मंजू हुड्डा को जिला परिषद की चेयरपर्सन बनाया गया है। उन्होंने चेयरपर्सन बनते ही भारतीय जनता पार्टी को जॉइन कर लिया था। इसके बाद भाजपा ने मंजू हुड्डा को पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के सामने गढ़ी सांपला किलोई विधानसभा से चुनाव भी लड़ाया, हालांकि उनको हर का सामना करना पड़ा।

इसी दौरान रोहतक के 10 पार्षदों ने डीसी को लिखित में शिकायत दी और अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए कहा। विधानसभा चुनाव खत्म होने के बाद अविश्वास प्रस्ताव के लिए 2 बार डेट निर्धारित की जा चुकी है, लेकिन दोनों ही बार वोटिंग नहीं हुई। नियम अनुसार कुल पार्षदों के 2 तिहाई पार्षदों का अविश्वास प्रस्ताव में शामिल होना जरूरी है।

उसके बाद ही जिला परिषद की चेयरपर्सन को कुर्सी से हटाया जा सकता है। मंजू हुड्डा को चेयरपर्सन पद से हटाने के लिए 14 में से 10 पार्षदों को अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में वोट डालना होगा।

रोहतक के DC धीरेंद्र खड़गटा ने बताया कि जिला परिषद की अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर 12 नवम्बर को सुबह 11 बजे स्थानीय जिला विकास भवन स्थित डीआरडीए हाल में बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक को शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न करवाने के दृष्टिगत डीसी ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 17(2) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए रोहतक के तहसीलदार राजेश कुमार को ड्यूटी मैजिस्ट्रेट नियुक्त किया है।

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