रोहतक की महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी (MDU) में शुक्रवार रात को छात्रा के सुसाइड करने के मामले में नया मोड़ आया है। छात्रा के पिता ने शिकायत देते हुए कहा कि उसकी बेटी को भिवानी का एक युवक तंग करता था। जिसकी फोन में कॉल हिस्ट्री भी मिली है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि परिजनों ने आखिरी बार दीक्षा ने शुक्रवार शाम को ही बात की थी। उसकी मां से शाम करीब करीब 6 बजे बात हुई थी। गांव रानीला निवासी भरत सिंह ने बताया है कि उसकी बड़ी बेटी दीक्षा होनहार थी। घर की किसी बात को लेकर उसे कोई तनाव नहीं था। रोहतक आने के बाद दीक्षा की सहेलियों ने ही उन्हें बताया कि कोई दीपांशु राणा नाम का लड़का उसे काफी समय से परेशान कर रहा था।
आत्महत्या से एक दिन पहले वीरवार को दीक्षा विभाग के अंदर हुई फेयरवेल पार्टी में भी गई थी। जिसमें दीक्षा खुश नजर आ रही थी। साथी छात्राओं ने पुलिस को बताया कि शुक्रवार शाम छह बजे तक दीक्षा को हॉस्टल में घूमते हुए देखा गया। रात को रूम पार्टनर बाहर गई हुई थी। जो वापस लौटी तो देखा कि दरवाजा अंदर से बंद हैं। दरवाजा तोड़ने का प्रयास किया, लेकिन कामयाबी नहीं मिली।
पीजीआई थाना प्रभारी प्रमोद ने बताया कि आरोपी युवक दिपांशु की कॉल मृतका युवती के फोन पर आयी हैं। हालांकि यह स्पष्ट नहीं हुआ कि उन कॉल में क्या बातचीत हुई। फिलहाल आरोपी के गिरफ्तार होने के बाद ही मामला स्पष्ट होगा। मामले की गंभीरता को देखते हुए पूछताछ भी जारी है। फिलहाल मृतका के पिता के बयान पर आरोपी दिपांशु के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने का मामला दर्ज कर लिया है और शव को पोस्टमॉर्टम करा सौंप दिया।
जिला चरखी दादरी के गांव रानीला निवासी रिटायर्ड फौजी भरत सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसको दो बच्चे हैं। उसकी बड़ी बेटी करीब 23 वर्षीय दीक्षा एमडीयू में M.SC माइक्रोबायोलॉजी की द्वितीय वर्ष की छात्रा थी। दीक्षा गर्ल्स हॉस्टल में ही रहती थी। शुक्रवार रात करीब सवा 8 बजे एमडीयू से हॉस्टल वार्डन का फोन आया और उन्हें यूनिवर्सिटी में जल्द आने के लिए कहा।
हॉस्टल प्रशासन द्वारा बुलाए जाने के कारण वे तुरंत एमडीयू में पहुंचे। हॉस्टल के बाहर काफी लड़के खड़े हुए थे। उन्होंने हॉस्टल का शीशा तोड़कर देखा तो उसकी बेटी दीक्षा पंखे पर चुन्नी के फंदे पर लटकी हुई थी। वे दरवाजा तोड़कर अंदर घुसे, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। उन्होंने अपनी बेटी को फंदे से उतारा।

