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रोहतक पुलिस की सीआईए-1 स्टाफ की टीम ने महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय मे हुई फायरिंग के मामले में आरोपी किये गिरफ्तार!!

रोहतक पुलिस की सीआईए-1 स्टाफ की टीम ने छापेमारी करते हुए गांव रिठाल निवासी विजय व उसके दोस्तो पर महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय मे हुई फायरिंग की वारदात को अंजाम देने वाले आरोपी अमित व दीपक को गिरफ्तार करने मे सफलता प्राप्त की है। आरोपी अमित का पुराना आपराधिक रिकार्ड रहा है। आरोपियो को कल पेश अदालत कर पुलिस रिमांड पर हासिल करने का प्रयास किए जाएगा। मामले की गहनता से जांच की जा रही है।

प्रभारी सीआईए-1 स्टाफ उप.नि. अनेश कुमार ने बताया कि दिनांक 03.09.2022 को सांय के समय पुलिस को सूचना प्राप्त हुई कि महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय रोहतक मे गोली चली है। पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर जांच शुरु की। गांव रिठाल निवासी विजय की शिकायत के आधार पर धारा 307/34 भा.द.स व शस्त्र अधिनियम के तहत अभियोग संख्या 264/2022 अंकित कर जांच शुरु की गई। प्रारंभिक जांच मे सामने आया कि विजय का दीपक पुत्र मंगत राम निवासी खेडी महम के साथ पैसे का लेन देन है जिसके लिए दीपक विजय को पैसे देने के लिए काफी बार टाईम दे चुका था। दिनांक 03.09.2022 को दीपक ने विजय को पैसे का हिसाब के लिए 4 बजे रोहतक मिलने को कहा। कुछ देर बाद सुशील निवासी आसन का विजय का पास फोन आया व विजय को 5.30 बजे महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय मे बुला लिया। विजय महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय की लाइब्रेरी के पास चला गया। जंहा गाडी मे अमीत उर्फ मोनू, विकास फौजी व अन्य लडका दीपक के साथ गाडी मे बैठे हुए थे। विजय को भी दीपक ने गाडी मे बैठा लिया। अमित ने विजय को कहा कि दीपक पैसे नही देगा। विजय ने अपने पास अपने जानकार हर्ष को वहां पर बुला लिया। हर्ष के साथ उसके दोस्त कुलदीप, विदित भी वहां आ गए। विजय सुशील, हर्ष व उसके दोस्तो के साथ आपस मे बाते करने लगा। विजय को गोली चलने की आवाज सुनाई दी। विजय ने देखा कि अमित उर्फ मोनू अपने हाथ मे लिए हुए पिस्तौल से उन पर अंधाधुंध फायरिंग कर रहा है। विजय के दोस्त सुशील के हाथ पर, कुलदीप के पैर पर गोली लगी। विजय के शोर मचाने पर दीपक व अन्य युवक मे सवार होकर मौके से फरार हो गये। गोली लगने से घायल हुए हर्ष, विदित, कुलदीप व सुशील को इलाज के लिए पीजीआईएमएस रोहतक मे दाखिल करवाया गया।

पुलिस अधीक्षक श्री उदय सिंह मीना ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मामले की जांच प्रभारी सीआईए-1 उप.नि. अनेश को सौंपी। दौराने जांच दिनांक 20.09.2022 को सीआईए-1 स्टाफ की टीम ने स.उप.नि. विनोद दलाल के नेतृत्व मे छापेमारी करते हुए आरोपी अमित पुत्र रघबीर निवासी बलियाना व दीपक पुत्र मंगत निवासी खेड़ी महम को चण्डीगढ से गिरफ्तार किया गया है। वारदात मे शामिल अन्य आरोपी फरार चल रहे है पुलिस टीम निरंतर छापेमारी कर रही है जिन्हे जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा। आरोपियो को पनाह देने व आर्थिक सहायता करने वाले युवक संदीप को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।

दौराने जांच सामने आय़ा कि आरोपी वारदात को अंजाम देने के बाद मणिकर्ण, कसोल, गांव कलंगा (हिमाचल) व अन्य जगह पर रहकर फरारी काट रहे थे। सूचना मिलते ही स.उप.नि. विनोद दलाल व स.उप.नि. संत कुमार के नेतृत्व मे दो टीमो का अलग-2 गठन कर हिमाचल के लिए रवाना किया गया।

स.उप.नि. विनोद दलाल की टीम ने छापेमारी करते हुए आरोपियो को काबू किया। आरोपी अमित का पुराना आपराधिक रिकार्ड रहा है। आरोपी अमित के खिलाफ हत्या, हत्या का प्रयास, मारपीट, अवैध हथियार रखने के करीब 8/9 मामलें दर्ज है। आरोपी अमित ने अपने ही गांव के सब-इंस्पेक्टर की गोली मारकर यमुनानगर में हत्या करने की वारदात को अंजाम दिया था। जिसमें आरोपी को उम्रकैद की सजा हुई थी। आरोपी ने सजा के खिलाफ माननीय हाईकोर्ट में अपील दायर कर रखी है तथा जमानत पर बाहर है। इसके अलावा आरोपी अन्य मामलों में भी गिरफ्तार हुआ था। आरोपी करीब एक महीने पहले ही जमानत पर जेल से बाहर आया है। आरोपी के भाई विकास उर्फ विक्की की फरवरी 2021 मे गांव बलियाणा मे गोली मारकर हत्या कर दी थी। विकास उर्फ विक्की के खिलाफ भी करीब एक दर्जन आपराधिक मामलें दर्ज थे। आरोपी अमित ने गांव व आस-पास के एरिया में अपना दबदबा बनाने व दहशत फैलाने के लिए एमडीयू मे फायरिंग कर जानलेवा हमला करने की वारदात को अंजाम दिया। आरोपी दीपक के साथ विजय का पैसे का लेनदेन था। उसी विवाद को लेकर ही दोनो पक्ष एमडीयू में एकत्रित हुए था जहां पर अमित ने विजय व उसके दोस्तों पर फायरिंग शुरू कर दी।

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