Site icon Digital Bhoomi – Haryana's Leading News Plate form and Weekly Newspaper Get latest Haryana News

रोहतक पुलिस ने अगस्त माह के दौरान साइबर ठगी के शिकार हुये पीडितो को लौटाये करीब 19 लाख रुपये- एएसपी श्री वाई. वी. आर शशि शेखर, पीड़ित 1930 साइबर हेल्पलाइन नम्बर पर साईबर फ्रॉड की तुरंत शिकायत करेंगे तो फ्रिज होगी ट्रान्जैक्शन, अगस्त माह मे 57 मामले हुये दर्ज, 27 आरोपियो को किया गया गिरफ्तार


सहायक पुलिस अधीक्षक श्री वाई. वी. आर शशि शेखर ने बताया कि रोहतक पुलिस ने अगस्त माह के दौरान साइबर ठगों द्वारा ठगे गए नागरिकों के 18,84,125/- रुपये लौटाये हैं। एएसपी श्री वाई. वी. आर शशि शेखर ने बताया कि रोहतक पुलिस ने साइबर ठगी के मामलो मे त्वरित कार्यवाही करते हुये पीडितो के रुपये लौटाये है। जिला रोहतक मे अगस्त माह मे साइबर ठगी की कुल 440 शिकायते प्राप्त हुई। जिनमे 57 मामलो मे एफआईआर दर्ज हुई। शिकायत प्राप्त होने पर रोहतक पुलिस ने मामले की गहनता से जांच करते हुये 27 आरोपियो को गिरफ्तार किया गया। शिकाय़त पर कार्यवाही करते हुये धनराशि को वापिस पीड़ित के खाते में भिजवाने की प्रक्रिया पूरी करते हुए पीडितो को अगस्त माह के दौरान रुपये लौटाये है। जांच के बाद अदालत के आदेश पर होल्ड हुये 18,84,125/- रुपये वापिस पीड़ितो के खातो में ट्रांसफर कराये गये है।

साइबर ठगी का तरीका

  1. जालसाज आपको पोस्ट/कोरियर/ई-मेल के द्वारा पत्र या स्क्रैच कार्ड भेजते है। जिसमे लिखा होता है कि आपने उच्च मूल्य जैसे कि कार, मोटरसाईकिल या इलेक्ट्रॉनिक्स आदि का इनाम जीता है। जालसाज द्वारा पत्र मे आपको एक फोन नम्बर दिया होता है जिस पर कॉल करने के लिए कहा जाता है या एक नकली वेबसाइट पर निर्देशित किया जाता है।
  2. जालसाज आपको एक वेबसाइट पर भी आकर्षित कर सकते है जो ई-कॉमर्स वेबसाइट के समान दिखाई देती है या आपको एक नकली या मनगढ़ंत प्रमाण पत्र भेज सकते है।
  3. जालसाज खुद को कर्मचारी या संदर्भित ई-कॉमर्स कंपनी के सदस्य होने का दावा करते हैं और प्रमाण के रूप में नकली पहचान पत्र दिखा सकते हैं।
  4. जालसाज द्वारा व्यक्तिगत जानकारी और जमा शुल्क (कोरियर शुल्क, कर, सीमा शुल्क, शिपिंग, आदि) की मांग लाटरी के ईनाम की एक्सपायरी डेट का हवाला देकर की जाती है।
  5. इस राशि को नकद में या स्कैमर्स द्वारा नियंत्रित बैंक खातों में किए जाने की मांग की जाती है और जालसाज गलत तरीके से पैसे हड़प लेते है और बाद में उसी के साथ फरार हो जाते हैं।

सावधानी

  1. बैंक खातों, क्रेडिट कार्ड, फोन या ईमेल भेजने वाले को अपनी व्यक्तिगत/निजी जानकारी का खुलासा न करें क्योंकि इससे पहचान की चोरी हो सकती है।
  2. संदिग्ध ई-मेल का जवाब न दें या संदेहास्पद लिंक पर क्लिक ना करें क्योंकि वे मैलवेयर या वायरस हो सकता है। कभी भी जालसाज द्वारा भेजे गए ऑनलाइन फॉर्म को न भरे।
  3. लॉटरी की राशि लेने के लिए कभी किसी को अग्रिम (एडवांस) शुल्क न दें। कोई आपसे अग्रिम शुल्क की मांग नहीं करेगा यदि आप मनी लॉटरी की राशि प्राप्त करते हैं।
  4. याद रखें यदि आपने लाटरी मे भाग नहीं लिया है तो आप कभी भी लॉटरी नहीं जीत सकते है।

इस तरह की ठगी से बचने के लिये भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने पोर्टल तैयार किया है, जिसका एक हेल्पलाइन नंबर 1930 जारी किया गया है। जिस पर पीड़ित साइबर अपराध से संबंधित अपनी शिकायत दे सकते हैं। ऑनलाइन/साईबर ठगी का शिकार हुआ पीड़ित व्यक्ति तुरंत हैल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत देता है तो फ्रॉड की जानकारी के आधार पर जिस अकाउंट में पैसा गया है साइबर अपराध डैस्क द्वारा उसी समय उस अकाऊंट को फ्रीज कर दिया जाएगा जिस अकाउंट में पीड़ित का पैसा ट्रांसफर हुआ है। बैंक अकाउंट फ्रीज होने के बाद ठग/मालिक उससे पैसा निकाल नहीं पाएगा। साथ ही पीड़ित के अकाउंट से ट्रांसफर किए गए पूरे रुपये वापिस पीड़ित के खाते में वापस ट्रांसफर कराए जाएंगे।

Exit mobile version