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रोहतक पुलिस की बड़ी कार्रवाई: साइबर ठगी का मास्टरमाइंड गिरफ्तार, 39 वारदातों का खुलासा; ₹1 लाख बरामद

पुलिस अधीक्षक श्री गौरव राजपुरोहित के कुशल दिशा-निर्देशन एवं मार्गदर्शन में रोहतक पुलिस को साइबर अपराध के विरुद्ध बड़ी सफलता हाथ लगी है। प्रभारी थाना लाखनमाजरा श्री रविन्द्र कुमार के नेतृत्व में स.उप.नि. प्रवीन व मुख्य सिपाही भूपेन्द्र ने कार्रवाई करते हुए शातिर साइबर ठग आरोपी विवेक पुत्र दौलतराम निवासी उत्तम नगर वेस्ट, दिल्ली को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी को पेश अदालत किया गया है। अदालत के आदेश पर आरोपी को 03 दिन के पुलिस रिमांड पर हासिल किया गया है।

पुलिस प्रवक्ता मनीष ने बताया कि दिनांक 02 मई 2026 को नवीन निवासी गांव खरैन्टी की शिकायत के आधार पर धारा 318(4) बीएनएस के तहत अभियोग संख्या 69/2026 अंकित किया गया। जांच में सामने आया कि नवीन ने गांव में गिल CSC सैन्टर है। दिनांक 27.04.2026 को उसके पास मोबाइल नंबर 8505952316 से फोन आया। फोन करने वाले व्यक्ति ने अपना नाम रविन्द्र बताकर स्वयं को गांव में सीमेंट सप्लाई का काम करने वाला बताया। युवक ने कहा कि वह गांव के कप्तान नामक व्यक्ति को उसके पास पैसे लेने भेज रहा है। कुछ समय बाद कप्तान नवीन की दुकान पर पहुंच गया। कप्तान ने अपने फोन से रविंद्र के पास फोन मिलाया और नवीन की बात कराई।
बातचीत के दौरान रविंद्र ने नवीन के मोबाइल पर एक स्कैनर/QR कोड भेज दिया। नवीन ने यह विश्वास कर कि उसे पैसे मिल जाएंगे, उक्त स्कैनर पर 20 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। बाद में पता चला कि आरोपी ने दोनों पक्षों को अलग-अलग बहाने बनाकर धोखे में लिया और साइबर ठगी की वारदात को अंजाम दिया।
आरोपी के खिलाफ थाना लाखन माजरा में अभियोग दर्ज कर त्वरित कार्यवाही करते हुए साईबर ठग आरोपी विवेक पुत्र दौलतराम निवासी उत्तम नगर वेस्ट, दिल्ली को गिरफ्तार किया।

वारदातो का खुलासा
आरोपी से 39 साइबर वारदातों का खुलासा हुआ है, जिनमें थाना लाखन माजरा क्षेत्र की 5, थाना सदर 03, थाना शिवाजी कॉलोनी 02, थाना कलानौर 01 की वारदातें शामिल हैं। आरोपी विवेक से ठगी से प्राप्त की गई है। आरोपी से एक लाख रुपये से अधिक की राशि बरामद की गई है ।

जांच में सामने आया कि आरोपी बेहद शातिर तरीके से गूगल पर गांवों के नाम व स्थानीय व्यक्तियों के मोबाइल नंबर सर्च करता तथा उसी गांव के लोगों का विश्वास में लेकर नजदीक के CSC सेन्टर पर पैसे लेने के लिए भेज देता था जबकि CSC सेन्टर मालिक को बातों में उलझाकर क्युआर कोड भेजकर ठगी कर लेता था ।

रोहक पुलिस की अपील-
आमजन से अपील की गई है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर बिना पुष्टि किए पैसे ट्रांसफर न करें तथा किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 अथवा नजदीकी पुलिस थाना में शिकायत दर्ज करवाए।

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