नगर निगम आयुक्त डा0 आनंद कुमार शर्मा ने बताया कि नगर निगम रोहतक द्वारा शहर की स्वच्छता के लिए निरंतर प्रयासरत है। प्रायः देखने में आता है कि डेयरी संचालको द्वारा डेयरी के गोबर को सीवर व नालो में बहा दिया जाता है जिसके कारण वहां पर सीवर ऑवरफलो व नाले भरे रहते है जिससे आमजन को काफी असुविधा का सामना करना पड़ता है। आज नगर निगम द्वारा गांधी नगर में नालों व सीवर में गोबर एवं पशु अपशिष्ट बहाए जाने के मामले पकड़े। निरीक्षण के दौरान दोषी पाए गए 6 पशुपालकों एवं डेयरी संचालकों को सीलिंग नोटिस जारी किए गए हैं। निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नालों और सीवर में गोबर या अन्य ठोस अपशिष्ट बहाना नगर निगम अधिनियम के तहत दंडनीय अपराध है क्योकि ऐसा करने से सीवर जाम, दुर्गंध और पर्यावरण प्रदूषण जैसी गंभीर समस्याएँ उत्पन्न होती हैं।
निगम आयुक्त डा0 आनंद कुमार शर्मा ने यह भी बताया कि पूर्व में डेयरी ऐसोसियेशन के पदाधिकारियो के साथ बैठक आयोजित कर उनको बताया गया था कि डेयरियो से निकलने वाले गोबर का सही ढंग से निष्पादन किया जाये तथा अपनी-अपनी डेयरी में Pit को चालू अवस्था में रखकर, उसमें गोबर डाले क्योकि ऐसा करने से सीवर/नाले ब्लॉक की समस्या दूर हो जाएगी।
आयुक्त डा. आनंद कुमार शर्मा ने कहा कि भविष्य में ऐसे मामलों पर और अधिक सख्त कार्रवाई की जाएगी। यदि कोई डेयरी संचालक इस प्रकार की गलती करते हुए पाया जाता है, तो उनके प्रतिष्ठान या डेयरी यूनिट को स्थायी रूप से सील किया जाएगा। जिसके लिए वे स्वयं जिम्मेदार होगें। उन्होंने कहा कि शहर को स्वच्छ, स्वस्थ और सुंदर बनाए रखने में सभी नागरिकों का सहयोग जरूरी है।



