रोहतक से डॉक्टरों की एक टीम ने यूपी के शामली में रेड की। टीम को सूचना मिली थी कि यहां के मां सावित्री अस्पताल एवं अल्ट्रासाउंड केंद्र में गर्भ में लड़का-लड़की की जांच की जाती है। डीसी धीरेंद्र खड़गटा ने प्रसव पूर्व लिंग जांच व कन्या भ्रूण हत्या में संलिप्त व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
रेाहतक सिविल सर्जन डॉ. रमेश चंद्र ने बताया कि गर्भवती महिलाओं की लिंग जांच का कार्य सीमावर्ती राज्यों में किया जा रहा है। शामली में भी ये कार्य करने की सूचना मिली थी। स्वास्थ्य विभाग द्वारा नोडल अधिकारी डॉ. विश्वजीत राठी के नेतृत्व में डॉ. विशाल चौधरी एवं डॉ. मोहित गिल की टीम गठित की गई। टीम ने एक गर्भवती महिला को डिकॉय ग्राहक के रूप में तैयार किया।
सीएमओ ने बताया कि लिंग जांच के बाद एक महिला के गर्भ में लड़का और दूसरी महिला के गर्भ में लड़की बताई गई। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके पर रेड की। दलाल से 52 हजार रुपए बरामद हुए। यह भी जानकारी मिली कि अल्ट्रासाउंड सेंटर का किसी बीएएमएस डॉक्टर द्वारा संचालन किया जा रहा है।
जांच के दौरान पता चला महिला डॉक्टर का साढ़े 4 माह पहले देहांत हो चुका है, जिसके नाम पर इस सेंटर का पंजीकरण है। रोहतक से डॉ. संजीव मलिक, डॉ. विकास सैनी, डॉ. विजय, दीपक, जोगेंद्र सैनी व पुलिस विभाग की टीम शामिल रही।
