रोहतक के गांव बोहर में किराए पर रहने वाले परिवार के दो नाबालिग बच्चे शनिवार दोपहर जेएलएन नहर में डूब गए थे। सूचना मिलते ही पुलिस और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और सर्च ऑपरेशन शुरू किया। पहले दिन एक बच्चे का शव बरामद कर लिया गया था, जबकि दूसरे बच्चे का शव लगातार 48 घंटे तक चले तलाश अभियान के बाद बेरी के पास भाखरा हेड से बरामद हुआ।
नहर में डूबे बच्चों की पहचान 9 वर्षीय प्रदीप और 12 वर्षीय कुलदीप, पुत्र दलीप सिंह, के रूप में हुई है। दोनों मूल रूप से बिहार के रहने वाले थे और रोहतक के गांव बोहर में किराए के मकान में परिवार के साथ रहते थे। शनिवार दोपहर दोनों भाई जेएलएन नहर पर नहाने गए थे। नहाते समय छोटे भाई प्रदीप का पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में बहने लगा। उसे बचाने के लिए बड़ा भाई कुलदीप भी नहर में कूद गया, लेकिन तेज बहाव के कारण दोनों पानी में बह गए। सूचना मिलते ही ग्रामीण, पुलिस और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और दोनों बच्चों की तलाश में सर्च ऑपरेशन शुरू किया।
एसडीआरएफ टीम ने नहर में सर्च ऑपरेशन चलाया, जिसके चलते करीब 20 घंटे बाद एक बच्चे कुलदीप का शव बरामद किया। वहीं, दूसरे बच्चे का शव 48 घंटे बाद भाखरा हेड के पास से निकलने वाली छोटी ब्रांच से बरामद किया गया।
एसडीआरएफ के एएसआई राजेश ने बताया कि बच्चे की तलाश में टीम नहर में उतरकर जांच करती रही। बोहर से लेकर भाखरा हेड तक बच्चे को ढूंढा गया। भाखरा हेड से निकलने वाली छोटी ब्रांच से गोताखोर कुलवीर हुड्डा व उसके साथी ने बच्चे के शव को बाहर निकाला।
