रोहतक, 17 सितंबर। बार एसोसिएशन रोहतक के पूर्व प्रधान दीपक हुड्डा ने नए प्रधान हरिस्वरूप हुड्डा को अपने खुद के विवेक और ज्ञान से काम करने की सलाह दी है। वे किसी भी कठपुतली बनकर काम न करें। बार एसोसिएशन के प्रधान पद की अपनी गरिमा है लेकिन इस गरिमा को खत्म करने का प्रयास किया जा रहा है।
दीपक हुड्डा गुरूवार को यहां पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने बताया कि बार एसोसिएशन के प्रधान की ओर से रिकॉर्ड को लेकर दिए गए नोटिस का वे जवाब दे चुके हैं। उन्होंने बताया कि 11 सितंबर को रात करीब सवा 11 बजे प्रधान पद के चुनाव परिणाम की घोषणा हुई थी और नई कार्यकारिणी चुनी गई थी लेकिन 10 मिनट बाद ही पूर्व प्रधान अरविंद श्योराण अपने साथ कुलदीप बजाड़ मकड़ौली व पूर्व क्लर्क सोमबीर सुनारिया को लेकर लाइब्रेरी व प्रधान ऑफिस घुसे। क्लर्क जोगेंद्र कथूरिया से ऑफिस की चाबी ली। फिर ऑफिस में तोड़फोड़ कर दी। वहां रखे हुए मोमैंटो तोड़ दिए। तत्पश्चात ऑफिस को लॉक कर पूर्व प्रधान अरविंद श्योराण अपने साथ चाबी ले गए। लेकिन अब प्रधान हरिस्वरूप हुड्डा उन्हें नोटिस भेजकर रिकॉर्ड और हिसाब किताब की मांग कर रहे हैं। जबकि ऑफिस की चाबी पूर्व प्रधान अरविंद श्योराण के कब्जे में है। उन्होंने सवाल किया कि अरविंद श्योरण व अन्य किस हैसियत से ऑफिस में घुसे और तोड़फोड़ की कार्रवाई की। इस पूरे प्रकरण की सीसीटीवी कैमरे की फुटेज कब्जे में ली जानी चाहिए। साथ ही पुलिस को इस संबंध में शिकायत देकर कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए।
दीपक हुड्डा ने बताया कि बार एसोसिएशन की परंपरा रही है कि जब नई कार्यकारिणी बनती है तो पिछली कार्यकारिणी कार्यभार और रिकॉर्ड सौंपती है। लेकिन नए प्रधान हरिस्वरूप हुड्डा ने इस बात का इंतजार किए बगैर ही उन्हें नोटिस भेज दिया। जिस नोटिस का वे जवाब दे चुके हैं।
दीपक हुड्डा ने कहा कि बार एसोसिएशन के प्रधान एक ओर उन्हें नोटिस भेजकर रिकॉर्ड की मांग कर रहे हैं जबकि दूसरी ओर पूर्व प्रधान लोकेंद्र फौगाट उर्फ जोजो की बार एसोसिएशन की सदस्यता रिकॉर्ड देखकर बहाल करने की बात कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि लोकेंद्र फौगाट को बार एसोसिएशन की आमसभा में सभी मौजूद सदस्यों की सहमति से डी बार किया गया था। लोकेंद्र फौगाट के खिलाफ बार एसोसिएशन के एक करोड़ 48 लाख रूपए का गबन करने के संदर्भ मंे आर्य नगर पुलिस स्टेशन में केस दर्ज है। साथ ही 7 करोड़ रूपए का चेंबर्स से संबंधित मामला भी लंबित है। इसलिए पूर्व प्रधान लोकेंद्र फौगाट को डी बार किया गया था। लेकिन नए प्रधान हरिस्वरूप हुड्डा ने रिकॉर्ड की जांच किए बगैर ही सदस्यता बहाल करने की घोषणा कर दी। जबकि बार एसोसिएशन का एक करोड़ 48 लाख रूपए का गबन किया गया है और यह राशि बार एसोसिएशन में जमा हुए बगैर किसी भी सूरत में सदस्यता बहाल नहीं हो सकती।
पूर्व प्रधान ने यह भी कहा कि नए महासचिव कर्ण नारंग का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है जिसमें वे जजों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगा रहे हैं। जबकि पूर्व प्रधान लोकेंद्र फौगाट पर खुद भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप हैं। ऐसे में पहले बार एसोसिएशन के भ्रष्टाचार को खत्म करना चाहिए। उन्होंने बताया कि पूर्व प्रधान लोेकेंद्र फौगाट के खिलाफ मामले की 21 सितंबर को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में तारीख लगी है।
फोटो कैप्शनः रोहतकः बार एसोसिएशन के पूर्व प्रधान दीपक हुड्डा पत्रकारों से बातचीत करते हुए।

