रोहतक में स्थानीय समस्याओं का समाधान नहीं होने पर रोडवेज कर्मचारी यूनियन के सदस्य 16 और 17 अप्रैल को डिपो परिसर में भूख हड़ताल करेंगे। 24 घंटे की भूख हड़ताल में हरियाणा रोडवेज सांझा मोर्चा के राज्य व डिपो स्तर के पदाधिकारी भाग लेंगे। इसके बाद भी समस्या का समाधान नहीं हुआ तो अगले आंदोलन की घोषणा की जाएगी।
यूनियन नेता जयकुंवार दहिया व नरेश सिवाच ने कहा कि रोडवेज कर्मचारियों को डिपो में काम करते समय अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। केएमपीएल के नाम पर चालकों व बुकिंग कम होने के नाम पर कंडक्टरों का वेतन काटना गलत है, जबकि हरियाणा सरकार रोडवेज बसों को सरकार द्वारा आयोजित सम्मेलनों, उत्सवों, रैलियों के लिए इस्तेमाल कर जनता को परेशान कर रही है
कर्मचारियों ने सरकार से मांग की कि हरियाणा सरकार प्राइवेट इलेक्ट्रिक बसें ठेके पर चलाने के निर्णय को रद्द कर सभी प्रकार की बसों को रोडवेज के बेड़े में 10000 सरकारी नई बसें शामिल कर चलाने का कार्य करे। हरियाणा सरकार खुद इलेक्ट्रिक बस खरीद कर रोडवेज के बेड़े में शामिल करें, वही मीटिंग में सर्व सम्मति से मानी गई मांगों को तुरंत प्रभाव से लागू किया जाए।
नरेश सिवाच ने कहा कि हरियाणा सरकार स्वतंत्र आठवें वेतन आयोग का गठन करें, परिचालकों व लिपिक का वेतनमान अपग्रेड करके 35400 किया जाए, चालक, मैकेनिक, स्टोरकीपर, कैशियर सहित सभी श्रेणियां की वेतन विसंगति दूर की जाए, उच्च न्यायालय के निर्देश अनुसार कर्मशाला कर्मचारियों को तकनीकी वेतनमान लागू करने का काम करे, हैवी चालक का वेतनमान 53000 करने की मांग की।
कर्मचारी नेता नरेश सिवाच ने कहा कि सरकार रोडवेज के बेड़े में प्राइवेट किलोमीटर स्कीम की बसे ना लाकर रोडवेज के बेड़े में सरकारी बसें शामिल करें और इस निजीकरण की नीतियों को बंद करें। कर्मचारियों के मांग मुद्दों पर जल्द से जल्द मीटिंग बुलाकर बातचीत के माध्यम से निपटारा करें। अगर उपरोक्त बातों पर सरकार ध्यान नहीं देती तो रोडवेज कर्मचारी आंदोलन को तेज करने पर मजबूर होंगे।
