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हरियाणा में 5-6 नवंबर को रोडवेज का चक्का जाम: अमित शाह के दौरे वाले दिन से दो दिवसीय हड़ताल का ऐलान, कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने समेत 15 मांगें लंबित

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अंबाला। हरियाणा में रोडवेज यात्रियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। हरियाणा रोडवेज कर्मचारी सांझा मोर्चा ने 5 और 6 नवंबर को प्रदेशभर में दो दिवसीय हड़ताल का ऐलान किया है। इसी दौरान 5 नवंबर को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह अंबाला में शहीदी स्मारक का उद्घाटन करने पहुंचेंगे। कर्मचारियों ने हड़ताल को सफल बनाने के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं।

सोमवार को अंबाला रोडवेज डिपो में कर्मचारियों ने गेट मीटिंग कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और प्रदेशभर के कर्मचारियों से हड़ताल में शामिल होने का आह्वान किया। यदि हड़ताल होती है तो प्रदेश में बस सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं और यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ सकती है।

परिवहन मंत्री के साथ बैठक में बनी थी सहमति

रोडवेज कर्मचारी सांझा मोर्चा के नेताओं के अनुसार, 8 सितंबर को परिवहन मंत्री अनिल विज के साथ हुई बैठक में कर्मचारियों की 15 मांगों पर सहमति बनी थी। सरकार की ओर से मांगें लागू करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन करीब दो महीने बीतने के बावजूद मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

मोर्चा के वरिष्ठ सदस्य वीरेंद्र सिंह ने कहा कि कर्मचारियों ने सरकार को पर्याप्त समय दिया, लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया। इसी कारण अब आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ रहा है।

कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने और नियमित भर्ती की मांग

कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में कच्चे कर्मचारियों को पक्का करना, खाली पदों पर नियमित भर्ती करना और रोडवेज के बेड़े में नई सरकारी बसें शामिल करना है। इसके अलावा कर्मचारियों ने लंबे समय से लंबित बोनस जारी करने और चालक-परिचालकों के पे-ग्रेड में सुधार करने की मांग उठाई है।

बोनस, वॉशिंग अलाउंस और छुट्टियों का मुद्दा

मोर्चा नेताओं ने कहा कि कर्मचारियों का बोनस कई वर्षों से लंबित है। इसके अलावा वॉशिंग अलाउंस से जुड़ी समस्याओं का समाधान करने और छुट्टियों में कटौती रोकने की भी मांग की गई है। कर्मचारियों का कहना है कि उनकी सुविधाओं और आर्थिक लाभों से जुड़े मुद्दे लगातार लंबित हैं।

प्राइवेट बसों के परमिट देने का विरोध

मोर्चा के वरिष्ठ सदस्य नीरज वशिष्ठ ने आरोप लगाया कि सरकार निजी बसों को परमिट देकर रोडवेज की व्यवस्था को कमजोर कर रही है। कर्मचारियों की मांग है कि सरकारी बसों की संख्या बढ़ाई जाए और प्रदेश के हर गांव तक सरकारी बस सेवा पहुंचाई जाए।

छात्राओं के लिए स्पेशल बसें चलाने की मांग

कर्मचारी नेताओं ने स्कूल और कॉलेज जाने वाली छात्राओं के लिए उनके समय के अनुसार अलग स्पेशल बसें चलाने की मांग भी उठाई है। उनका कहना है कि सरकारी परिवहन व्यवस्था मजबूत होने से ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों, महिलाओं और बुजुर्गों को सुविधा मिलेगी।

यात्रियों को हो सकती है परेशानी

5 और 6 नवंबर को प्रस्तावित हड़ताल के चलते हरियाणा रोडवेज की बस सेवाएं प्रभावित होने की आशंका है। इससे नौकरीपेशा लोगों, विद्यार्थियों और दूसरे शहरों में जाने वाले यात्रियों को परेशानी हो सकती है।

फिलहाल कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर हड़ताल की तैयारी में जुटे हैं। अब देखना होगा कि सरकार और रोडवेज कर्मचारी सांझा मोर्चा के बीच बातचीत से कोई समाधान निकलता है या प्रदेश में दो दिन बसों का चक्का जाम रहेगा।

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