रोहतक में रेलवे स्टेशन पर रिटायर्ड फौजी ने महिला की गोली मारकर हत्या कर दी। गोली लगने से घायल महिला प्लेटफार्म पर ही गिर गई। आरोपी प्लेटफॉर्म पर तड़प रही महिला के पास में ही खड़ा होकर फोन चलाता रहा। इसके बाद ट्रेन में चढ़ गया, लेकिन रेलवे पुलिस (GRP) और आरपीएफ टीम ने उसे पकड़ लिया।
पैसों के लेनदेन को लेकर इस वारदात को अंजाम दिया गया। आरोपी ने महिला के बेटे को नौकरी लगवाने के लिए 12 लाख रुपए लिए थे।
महिला पिंकी जींद के जुलाना की रहने वाली थी। वहीं, आरोपी की पहचान रिटायर्ड फौजी वजीर सिंह निवासी लिजवाना खुर्द (जींद) के रूप में हुई है। घटना शुक्रवार शाम को करीब 7.50 बजे सामने आई।
पिंकी पिछले 2 साल रोहतक में हिसार बाईपास पर एक निजी कंपनी में काम कर रही थी। इसी कंपनी में आरोपी वजीर सिंह भी गार्ड की नौकरी करता था। रोजाना की तरह शुक्रवार को दोनों प्लेटफार्म नंबर 2 पर घर जाने के लिए ट्रेन का इंतजार कर रहे थे। इसी दौरान वजीर सिंह ने अचानक अपनी बंदूक से महिला की पीठ पर गोली मार दी।
गोली महिला के शरीर से आरपार हो गई। ये देखकर लोगों में हड़कंप मच गया। महिला का बेटा लक्ष्य भी तुरंत मौके पर पहुंच गया, जो प्लेटफार्म पर ही था। किसी भी यात्री ने घायल महिला को नहीं उठाया। जब बेटे ने मदद की गुहार लगाई तो कुछ लोगों ने हिम्मत करके महिला को उठाया और एंबुलेंस तक पहुंचाया, लेकिन अस्पताल पहुंचने के बाद महिला ने दम तोड़ दिया।
नशे में धुत आरोपी वजीर सिंह ने गोली मारने से पहले वहां खड़े यात्रियों से कहा कि आगे से हट जाओ, मैं गोली मार रहा हूं। इसके बाद महिला को गोली मारी। महिला को गोली मारने के बाद आरोपी मौके पर ही काफी देर तक खड़ा रहा। इसके बाद एक ट्रेन आई, जिसमें वह चढ़ गया। फिर यात्रियों के कहने पर आरपीएफ टीम ने उसे ट्रेन से पकड़ा और बंदूक को कब्जे में लिया।
महिला के पति राममेहर के अनुसार आरोपी वजीर सिंह ने बेटे की नौकरी लगवाने के नाम पर करीब 12 लाख रुपए ले रखे थे, लेकिन न तो उसके बेटे को नौकरी दिलवाई और न ही उसके पैसे वापस किए। वजीर सिंह पहले भी पिंकी को परेशान करता था। इस बारे में पंचायत भी हुई थी, जिसमें समझौता हो गया था।
जीआरपी के एसएचओ जोगेंद्र सिंह ने बताया कि गोली मारने की सूचना के बाद टीम मौके पर पहुंची और आरोपी को पकड़ लिया। पुलिस आरोपी वजीर सिंह से पूछताछ कर रही है। महिला के परिजनों की शिकायत पर केस दर्ज किया गया है।
