प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 17 जुलाई को जींद से देश की पहली स्वदेशी हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाए जाने के बाद सोशल मीडिया पर इसके संचालन को लेकर कई तरह के दावे और अफवाहें वायरल होने लगीं। हालांकि, रेलवे अधिकारियों के अनुसार ट्रेन में तकनीकी खराबी की खबरें गलत हैं। ट्रेन को केवल नियमित मेंटेनेंस और धुलाई के लिए शेड भेजा गया था तथा यह निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार लगातार संचालित हो रही है।
सोशल मीडिया पर वायरल कुछ वीडियो और पोस्ट में दावा किया गया कि हाइड्रोजन ट्रेन में तकनीकी खराबी आने के कारण उसका संचालन रोक दिया गया है। इन दावों की पड़ताल में सामने आया कि यह जानकारी भ्रामक है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, हाइड्रोजन ट्रेन का संचालन पूरी तरह सामान्य रूप से जारी है और अब तक किसी भी तकनीकी खराबी की पुष्टि नहीं हुई है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि ट्रेन को केवल नियमित मेंटेनेंस और धुलाई के लिए शेड भेजा गया था। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ट्रेन सप्ताह में छह दिन संचालित होगी, जबकि प्रत्येक शुक्रवार को नियमित रखरखाव (वीक ऑफ) के लिए सेवा स्थगित रहेगी।
