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पंजाब CM भगवंत मान के वीडियो की रिपोर्ट फर्जी…गुरुग्राम में FIR दर्जशिकायतकर्ता ने कहा फेक रिपोर्ट बनाने के 10 लाख कार में डाले

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के कथित वायरल वीडियो मामले में नया मोड़ आ गया है। गुरुग्राम के डीएलएफ थाना पुलिस ने जींद निवासी अंकित और सिरसा निवासी अरुण महेंद्रू के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की है। शिकायत में पंजाब सरकार के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों के नामों का भी उल्लेख किया गया है।

एफआईआर सिरसा निवासी डिजिटल फोरेंसिक एक्सपर्ट जसप्रीत जस्सी की शिकायत पर दर्ज हुई है। जस्सी ने आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान से जुड़े विवादित वीडियो को डीपफेक साबित करने के लिए उन पर दबाव बनाया गया। उन्होंने दावा किया कि रिपोर्ट को मनमाफिक तैयार कराने के लिए उनकी कार में 10 लाख रुपए तक रख दिए गए।

जस्सी के अनुसार, 15 जून को गुरुग्राम के एक होटल में उनकी मुलाकात खुद को पंजाब सरकार के वरिष्ठ अधिकारी बताने वाले लोगों से हुई। वहां उनसे कहा गया कि वीडियो को फर्जी, एआई जनित या एडिटेड साबित करने वाली फोरेंसिक रिपोर्ट तैयार की जाए। हालांकि उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि उपलब्ध सामग्री के आधार पर यह तय नहीं किया जा सकता कि वीडियो असली है या नकली।

शिकायत के मुताबिक, 16 जून को दोबारा बैठक कर उन पर रिपोर्ट तैयार कराने का दबाव बनाया गया। जस्सी ने आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया में बाद में सिरसा निवासी अरुण महेंद्रू और जींद निवासी अंकित को भी जोड़ा गया। जब उन्होंने आपत्ति जताई तो उन्हें और उनके परिवार को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी गई।

जस्सी ने यह भी दावा किया कि “साइफर सेंटिनल लैब” और “साइबरयान लैब्स” नामक दो निजी लैब से रिपोर्ट मंगवाई गई, जबकि इन लैब की विश्वसनीयता और सरकारी मान्यता को लेकर उन्हें कोई जानकारी नहीं थी। उनका आरोप है कि रिपोर्ट तैयार होने के बाद उसे एक वरिष्ठ अधिकारी के व्हाट्सएप पर भेजने के निर्देश दिए गए और अधिकारी रिपोर्ट में बदलाव तथा नई बातें जोड़ने के लिए दबाव बनाते रहे।

गौरतलब है कि अक्टूबर 2025 में एनआरआई जगदीप उर्फ जगमनदीप समरा ने एक वीडियो वायरल किया था, जिसमें भगवंत मान जैसा दिखने वाला व्यक्ति सिख गुरुओं की तस्वीरों पर शराब का छींटा मारता नजर आ रहा था। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने उस वीडियो को फर्जी और छेड़छाड़ किया हुआ बताया था।

इसी विवादित वीडियो के आधार पर श्री अकाल तख्त साहिब ने मुख्यमंत्री भगवंत मान को “गुरू दोखी” और “खालसा पंथ विरोधी” करार दिया था। फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस शिकायत में लगाए गए आरोपों की पड़ताल कर रही है।

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