हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा (HTET) सर्टिफिकेट की वैधता को लेकर फंसा पेंच सुलझ गया है। हरियाणा सरकार ने अभ्यर्थियों को राहत देते हुए सर्टिफिकेट की वैधता उम्रभर कर दी है। इससे पहले 7 साल के लिए ही सर्टिफिकेट मान्य होता था। CM मनोहर लाल के इस फैसले से सूबे के HTET पास 1 लाख अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिली है।
2015 में पास HTET दिसंबर तक ही वैध थे
2015 में HTET पास करने वाले 1 लाख अभ्यर्थियों के सर्टिफिकेट इस साल दिसंबर तक ही वैध थे, लेकिन सरकार के नए फैसले से इन अभ्यर्थियों को राहत मिलेगी। इसके अलावा इस बार परीक्षा पास करने के लिए युवाओं को दोबारा आवेदन नहीं करना पड़ेगा। साथ ही नियमों के अनुसार वह अब शिक्षक भर्ती के लिए दावेदार होेंगे।
हरियाणा में 2008 में HTET शुरू हुआ। वर्ष 2009 में हरियाणा पात्र अध्यापक संघ का गठन हुआ। सर्टिफिकेट की वैधता बढ़ाने के लिए संघ ने संघर्ष शुरू किया। सरकार के खिलाफ कई धरना प्रदर्शन हुए। संघ के पदाधिकारियों ने आमरण अनशन भी किए और अब जाकर हरियाणा CM मनोहर लाल ने फैसले पर अंतिम मुहर लगाई है।
हरियाणा सरकार कुछ तकनीकी कारणों से इसके लिखित आदेश जारी नहीं कर पाई थी, लेकिन अब सभी दिक्कतें दूर हो चुकी हैं। जल्द ही सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद सरकार इसका नोटिफिकेशन जारी करेगी।
जून 2020 में केंद्र सरकार द्वारा CTET को 7 साल तक वैध करने के बाद हरियाणा सरकार ने भी वैधता पर मुहर लगा दी। इसके बाद नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन ने CTET की मान्यता को 7 साल की बजाय उम्रभर के लिए करने का फैसला लिया। इसका अनुसरण करते हुए प्रदेश सरकार ने भी HTET की मान्यता उम्रभर के लिए करने की घोषणा की है।

