चंडीगढ़। दिवाली और छठ पूजा पर अपने घर जाने की तैयारी कर रहे यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है। त्योहारों के दौरान ट्रेनों में बढ़ती भीड़ और लंबी वेटिंग लिस्ट को देखते हुए रेलवे ने अतिरिक्त कोच लगाने की तैयारी की है। इसके तहत चंडीगढ़, अंबाला और कालका से चलने वाली कई लंबी दूरी की ट्रेनों में 2 से 4 अतिरिक्त कोच जोड़े जाएंगे। इससे खासकर उत्तर प्रदेश और बिहार जाने वाले यात्रियों को राहत मिलने की उम्मीद है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, त्योहारों के चलते कई ट्रेनों में सीटें फुल हो चुकी हैं। कुछ ट्रेनों में वेटिंग लिस्ट 300 से 400 तक पहुंच गई है। जनरल कोच में भी यात्रियों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। ऐसे में अतिरिक्त कोच लगाकर ज्यादा यात्रियों को सफर की सुविधा देने की योजना बनाई गई है।
इन ट्रेनों में बढ़ाए जाएंगे अतिरिक्त कोच
अंबाला मंडल की योजना के अनुसार, चंडीगढ़, अंबाला और कालका से चलने वाली कई प्रमुख ट्रेनों में अतिरिक्त कोच लगाए जाएंगे। इनमें शामिल हैं:
- चंडीगढ़-डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस
- चंडीगढ़-पाटलिपुत्र एक्सप्रेस
- अंबाला-बरौनी एक्सप्रेस
- अमृतसर-जयनगर शहीद एक्सप्रेस
- कालका-हावड़ा मेल
- चंडीगढ़-गोरखपुर एक्सप्रेस
एक स्लीपर कोच से 80 यात्रियों को मिलेगी बर्थ
रेलवे के मुताबिक, एक अतिरिक्त स्लीपर कोच लगाने से करीब 80 यात्रियों को कन्फर्म बर्थ उपलब्ध हो सकती है। यदि किसी ट्रेन में तीन अतिरिक्त स्लीपर कोच लगाए जाते हैं तो करीब 240 यात्रियों को अतिरिक्त बर्थ मिल सकती हैं। इससे वेटिंग लिस्ट कम करने में मदद मिलेगी।
22 से 24 कोच तक हो सकती है ट्रेनों की क्षमता
रेलवे ने एलएचबी कोच वाली ट्रेनों में 22 और आईसीएफ कोच वाली ट्रेनों में 24 कोच तक करने का लक्ष्य रखा है। हालांकि, प्रत्येक ट्रेन में कोच की संख्या उसकी संरचना और उपलब्ध क्षमता के अनुसार निर्धारित की जाएगी।
मुख्यालय भेजी गई अतिरिक्त कोचों की सूची
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, त्योहारों के दौरान यात्रियों की संख्या सामान्य दिनों के मुकाबले करीब तीन गुना तक बढ़ जाती है। इसी को देखते हुए अतिरिक्त कोचों की सूची तैयार करके रेलवे मुख्यालय भेज दी गई है।
रेलवे की इस व्यवस्था से दिवाली और छठ पूजा पर घर जाने वाले यात्रियों को राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, यात्रियों को संबंधित ट्रेन में अतिरिक्त कोच जुड़ने की तारीख और उपलब्ध सीटों की जानकारी रेलवे की आधिकारिक सूचना से जरूर जांचनी चाहिए।

