हरियाणा में पिछले कई दिनों से जारी सफाई कर्मचारियों और फायर ब्रिगेड कर्मचारियों की हड़ताल अब खत्म होने की ओर बढ़ती दिखाई दे रही है। बुधवार को हरियाणा निवास में सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच करीब 6 घंटे तक चली मैराथन बैठक के बाद अधिकांश मांगों पर सहमति बनने की जानकारी सामने आई है। अब आज कर्मचारियों की अहम बैठक में अंतिम फैसला लिया जाएगा।
बैठक में शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल, सीएमओ और विभागीय अधिकारियों ने नगर पालिका कर्मचारी संघ व फायर ब्रिगेड यूनियन के प्रतिनिधियों के साथ विस्तार से चर्चा की। सूत्रों के मुताबिक सरकार ने फायर ब्रिगेड कर्मचारियों की मांगों के समाधान के लिए 30 जून तक और नगर पालिका कर्मचारियों की मांगों के लिए 20 मई तक का समय मांगा है।
नगर पालिका कर्मचारी संघ के प्रदेशाध्यक्ष नरेश शास्त्री ने कहा कि सभी कर्मचारियों से सलाह-मशविरा करने के बाद गुरुवार को अगली रणनीति और हड़ताल पर अंतिम निर्णय घोषित किया जाएगा। ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि हड़ताल वापस ली जा सकती है।
बता दें कि नगर पालिका कर्मचारी 1 मई से और फायर ब्रिगेड कर्मचारी 8 अप्रैल से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। हड़ताल के चलते प्रदेशभर में हर रोज करीब 14 हजार टन कूड़ा सड़कों और गलियों में जमा हो रहा है। कई शहरों में हालात गंभीर बन चुके हैं और लोगों को दुर्गंध व गंदगी के बीच परेशानी झेलनी पड़ रही है।
इधर, सफाई संकट का मामला पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट तक पहुंच गया है। सिरसा से कांग्रेस विधायक गोकुल सेतिया द्वारा दायर जनहित याचिका पर आज सुनवाई होनी है। याचिका में कहा गया है कि शहरों में कचरे के बढ़ते ढेर संक्रमण और बीमारियों का खतरा पैदा कर रहे हैं, जिससे लोगों के स्वच्छ वातावरण के अधिकार का उल्लंघन हो रहा है।
अब पूरे हरियाणा की नजर आज होने वाली कर्मचारी बैठक और हाईकोर्ट की सुनवाई पर टिकी हुई है। यदि सहमति बनती है तो प्रदेश को जल्द ही सफाई संकट से राहत मिल सकती है।
