हरियाणा में मौसम को लेकर चंडीगढ़ मौसम विभाग ने 55 शहरों में बारिश को लेकर रेड अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने इस दौरान 40 से 60 किलोमीटर की स्पीड से हवाएं चलने की चेतावनी जारी की है। राज्य में अब तक सबसे ज्यादा बारिश रादौर (यमुनानगर) में रिकॉर्ड की गई है।
यहां 8 जुलाई सुबह 8.30 बजे से आज सुबह तक 246.0 MM बारिश रिकॉर्ड की गई है। वहीं कालका (पंचकूला) में 244.0, पंचकूला शहर में 239.0, रायपुर रानी में 226, अंबाला में 224.1 MM बारिश हो चुकी है। सबसे कम बारिश फतेहाबाद के कुलान में 50.0MM ही बारिश हुई है।
राज्य के नूह, पलवल, बल्लभगढ़, सोहना, गुरुग्राम, अटेली, महेंद्रगढ़, कनीना, चरखी दादरी, भिवानी, बावल, रेवाडी, पटौदी, कोसली, मातनहेल, झज्जर, बहादरुगढ़, बेरखास, सांपला, रोहतक, बवानी खेरा, हांसी, नारनौंद , फरीदाबाद, खरखौदा, सोनीपत, गन्नौर, समालखा, बापौली, करनाल, इंद्री, राडौर, मेहम, गोहाना, जुलाना, इसराना, सफीदों, जींद, पानीपत, असंध, कैथल, भनलोखेर, नरवाना, कलायत, थानेसर, गुहला, पेहोवा, शाहाबाद, अींबाला, कालका, बराडा, जगाधरी, छछरौली, नारायणगढ़, पंचकूला शामिल हैं।
हरियाणा में पिछले कुछ घंटों में नदियों में तेज पानी आने की संभावना है। इसको देखते हुए संबंधित प्रशासन के द्वारा नदियों को लेकर अलर्ट जारी किया है। प्रशासन की ओर से निर्देश दिए गए हैं कि आने वाले 48 घंटों तक लोग नदियों से दूर रहें। यदि इन निर्देशों का पालन नहीं किया जाएगा तो उनके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की जाएगी। पंचकूला में पहले ही नदियों को लेकर धारा 144 लगाई जा चुकी है।
पानीपत में जून माह के आखिरी सप्ताह से लगभग रोज बारिश हो रही है। शनिवार को दिनभर जमकर बारिश होने के बाद रविवार को भी बरसात का दौर जारी है। इससे पानीपत में पानी-पानी हो गया है। गलियां, सड़कें, खेत समेत तमाम जगहें जलमगन हो गई हैं। आलम यह है कि पानी निकासी न होने से गलियों में भरे बरसाती पानी में बच्चों ने बोटिंग भी करनी शुरू कर दी।
करनाल के कर्ण विहार में बारिश के चलते शनिवार देर रात अपने मकान में सो रहे परिवार के ऊपर मकान की छत ढह गई। हादसे में महिला और उसकी बेटी गंभीर रूप से घायल हो गई। जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इससे पहले प्रेमनगर में बारिश से एक मकान की छत ढह गई। छत पर छप्पर डाला हुआ था, जिसके नीचे दबने से 2 बच्चे घायल हो गए।
गुरुग्राम के सदर थाने के बाहर पानी में एक कार डूब गई, जिसमें युवाओं सहित बच्चे और महिलाएं भी थे। उन्हें लोगों ने कार से निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। कार की सवारियों को निकालकर पहले छत पर बैठाया। इसके बाद कार में पानी भर गया। हालांकि बारिश के पानी में तैराकी कर रहे बच्चों द्वारा मिलकर कार को पानी से तो बाहर निकाल लिया गया, परंतु काफी नुकसान कार मालिक हो गया। पानी भरने से कार का इंजन और मशीनरी खराब हो गई।

