हरियाणा के जींद में नरवाना से विधायक रामनिवास सुरजाखेड़ा के खिलाफ एक महिला द्वारा रेप का आरोप लगाने का मामला सामने आया हैं। मामले में महिला ने थाने में FIR दर्ज कराई है। हालांकि, विधायक रामनिवास ने सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर इन आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि उन पर लगे आरोप राजनीति से प्रेरित हैं।

SP सुमित कुमार के मुताबिक महिला की शिकायत पर विधायक रामनिवास सुरजाखेड़ा समेत 4 लोगों के खिलाफ रेप समेत विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामला वर्ष 2021 का बताया गया है। जिसकी शिकायत पंजाब पुलिस को दी गई थी। जहां पर समझौता हो गया था। फिलहाल मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

उधर, विधायक रामनिवास सुरजाखेड़ा ने फेसबुक पर लिखा, “राजनीति इतने निचले स्तर पर आ जाएगी, यह कभी सोचना नहीं था। दुख की बात है कि चुनाव के एकदम पहले साजिशों के तहत मुझे कमजोर करने की यह कोशिश दुर्भाग्यपूर्ण है। मुझे कुछ सू्त्रों से पता चला है कि मेरे खिलाफ कुछ असामाजिक तत्वों ने दुष्कर्म की झूठी FIR दर्ज करवाई है। मगर फिर भी मैं हर अग्निपरीक्षा के लिए तैयार हूं। कानून से अपील है – पूरे मामले में निष्पक्षता से जांच करे। मैं सहयोग के लिए पूरी तरह हर समय तैयार हूं।”

पटियाला की रहने वाली महिला ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि नरवाना के विधायक रामनिवास सुरजाखेड़ा ने उसे नौकरी का झांसा देकर उसके साथ वर्ष 2021 में रेप किया। वह 3 साल तक उसका शोषण करता रहा। विधायक की पत्नी, गाड़ी के चालक, एक पार्षद ने भी शोषण किया। गुरुवार को जींद महिला थाने में विधायक के खिलाफ रेप समेत विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। विधायक रामनिवास सुरजाखेड़ा ने कुछ दिन पहले ही JJP छोड़ी है और 1 सितंबर को जींद में होने वाली रैली में वह भाजपा में शामिल होने वाले थे।

रामनिवास सुरजाखेड़ा ने 22 अगस्त को JJP को अलविदा कहते हुए विधानसभा सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अजय सिंह चौटाला को भेजे इस्तीफे में लिखा था, ‘पिछले 2 साल से पार्टी की गतिविधियां उनकी राजनीतिक विचारधारा से विपरीत रही हैं। इससे परेशान होकर सभी पदों, दायित्वों और प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे रहा हूं।’ हालांकि, विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता ने कहा कि अभी विधानसभा में रामनिवास सुरजाखेड़ा का इस्तीफा नहीं पहुंचा है और न ही उन्हें मिला है। इस्तीफा सिर्फ सोशल मीडिया पर ही वायरल हो रहा है।

2019 के विधानसभा चुनाव में रामनिवास सुरजाखेड़ा JJP की टिकट पर नरवाना से विधायक बने थे। BJP के साथ गठबंधन की सरकार बनने पर सुरजाखेड़ा को खादी ग्रामोद्योग बोर्ड का चेयरमैन नियुक्त किया गया। 2022 में सुरजाखेड़ा ने तत्कालीन डिप्टी CM दुष्यंत चौटाला पर आरोप लगाए कि उनके क्षेत्र में विकास कार्यों में भेदभाव हो रहा है। साथ ही कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल ही यहां विकास करवा रहे हैं। सुरजाखेड़ा की बयानबाजी के बाद दुष्यंत चौटाला ने उनसे खादी ग्रामोद्योग बोर्ड का चेयरमैन पद लेकर राजेंद्र लितानी को दे दिया था।

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