हरियाणा के फतेहाबाद जिले से एक बेहद हैरान और शर्मसार करने देने वाला मामला सामने आया है। यहां की महिला थाना पुलिस ने पॉक्सो (POCSO), नाबालिग से दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग के गंभीर आरोपों में बड़ी कार्रवाई करते हुए गांव बनगांव की गोशाला के प्रधान लीलाधर को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश कर आगामी कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
SP दफ्तर पहुंची थी पीड़िता, 17 जून को दर्ज हुआ था केस
महिला थाना प्रभारी मंजू सिंह ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि इस संबंध में गत 17 जून को मामला दर्ज किया गया था। दरअसल, पीड़िता ने खुद साहस दिखाते हुए पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय में पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई थी और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी। एसपी के हस्तक्षेप के बाद महिला थाना में तुरंत मुकदमा दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू की गई थी।
मजबूरी का उठाया फायदा, सोशल मीडिया पर तस्वीरें भी कीं वायरल
थाना प्रभारी के अनुसार, नाबालिग पीड़िता ने अपनी शिकायत में बताया कि उसके परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद खराब थी, जिसके कारण वह काम करने को मजबूर थी। इसी मजबूरी का फायदा उठाकर आरोपी गोशाला प्रधान लीलाधर ने उसे नशीला पदार्थ पिलाकर उसके साथ दुष्कर्म किया।
इतना ही नहीं, आरोपी ने वारदात के दौरान पीड़िता की अश्लील तस्वीरें और वीडियो भी बना लिए। इन आपत्तिजनक तस्वीरों के बल aaपर आरोपी पीड़िता को लगातार बदनाम करने और जान से मारने की धमकी देकर ब्लैकमेल करता रहा और उसका शारीरिक शोषण करता रहा। हद तो तब हो गई जब आरोपी ने पीड़िता की कुछ आपत्तिजनक तस्वीरें सोशल मीडिया पर भी पोस्ट (प्रसारित) कर दीं।
BNS, पॉक्सो और SC-ST एक्ट सहित इन गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज
पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर गहनता से जांच करने के बाद आरोपी के खिलाफ कानूनी शिकंजा कसा है। आरोपी लीलाधर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) के साथ-साथ अन्य कड़े कानूनों के तहत मामला दर्ज किया गया है:
भारतीय न्याय संहिता (BNS): धारा 64(2)(f), 75(2), 68, 123, 351(2), 3(5)
पॉक्सो एक्ट (POCSO): धारा 6 (गंभीर मर्मभेदी लैंगिक हमला)
आईटी एक्ट (IT Act): धारा 66E और 67A (निजता का उल्लंघन और अश्लील सामग्री प्रसारित करना)
एससी-एसटी एक्ट (SC/ST Act): धारा 3(2)(v)
पुलिस का बयान: महिला थाना प्रभारी मंजू सिंह ने कहा कि महिला व बाल अपराधों को लेकर पुलिस बेहद गंभीर है। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और कोर्ट में पेश किया जा चुका है। मामले में हर पहलू से बारीकी से जांच की जा रही है ताकि पीड़िता को सख्त से सख्त न्याय दिलाया जा सके।

