गोरखपुर में शुक्रवार को रेप और पॉक्सो के आरोपी दिलशाद की भरी कचहरी में हत्या कर बेटी के पिता ने 4 जिंदगियों को बचा लिया। दिलशाद की वजह से वो घुट-घुट कर जी रहे थे। एक बार तो उन्होंने पत्नी और दोनों छोटे बच्चों संग सुसाइड करने की ठान ली थी। लेकिन फिर उन्होंने सोचा कि चाहे कुछ भी हो जाए बदनामी की जड़ को ही खत्म कर देंगे और शुक्रवार को उन्होंने 4 गोलियां मारकर आरोपी की हत्या कर दी। वहीं सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने इसे सही भी ठहराया है। पुलिस और कानून व्यवस्था से नाराज लोगों ने इस घटना के बाद जमकर भड़ास निकाली।
घटना के बाद से ही लोग पिता के पक्ष में कमेंट कर रहे हैं। लोगों ने लिखा है कि जब एक बेटी का बाप इस तरह परेशान होगा तो क्या करेगा। उन्होंने जो किया सही किया। कुछ ने लिखा कि ये पुलिस और न्याय व्यवस्था में देरी का परिणाम है। पिता ने सोचा होगा कि क्या सजा मिलेगी। इसलिए ऐसा कर दिया। अब इस देश की अदालतों को सोचना होगा कि लोगों का विश्वास कैसे कायम हो…. ‘ट्विटर पर कई हैंडल्स से आरोपी पिता का लोग समर्थन कर रहे हैं…
बेटी के पिता ने दिलशाद को पिछली तारीख यानि दिसम्बर में ही मार देने की प्लानिंग की थी, लेकिन तब वो कचहरी में अकेला नहीं बल्कि कुछ लोगों के साथ आया था। जिसकी वजह से दुष्कर्म पीड़िता के पिता की प्लानिंग सफल नहीं हो सकी।
दिलशाद जमानत पर छूटने के बाद लड़की के पिता को परेशान कर रहा था। मुकदमा वापस लेने को कहता था और रिश्तेदारों को उनकी बेटी और अपनी शादी के साथ-साथ बाकी तस्वीरें भेजता था। उनका घर से निकलना मुश्किल हो गया था।
एक तरफ बेटी के प्रेमी के साथ रहने की जिद पर नारी निकेतन भेज दिया गया था। वो कोर्ट में दिलशाद के पक्ष में बयान दे चुकी थी। दूसरी ओर दिलशाद पिता को परेशान कर रहा था। जिसके बाद उन्होंने परिवार समेत मरने की सोच ली थी लेकिन बाद में इरादा बदल लिया ।
इधर, लड़की के पिता BSF में तैनात थे और परिवार को गांव छुड़ाकर बड़हलगंज में मकान बनवा कर रख दिया। सामने दिलशाद की दुकान थी। उसका उसके घर आना जाना शुरू हो गया। हिन्दू नाम बताकर उसने नाबालिग लड़की को अपने प्यार के झांसे में फंसा लिया। दो साल पहले जब पिता रिटायर्ड होकर आए तो उन्हें शक हुआ। पाबंदी लगाई तो वो लड़की को लेकर भाग गया।
कैंट पुलिस ने मृतक दिलशाद के पिता ताहिर हुसैन की तहरीर पर हत्यारोपी पिता भागवत निषाद के खिलाफ हत्या का केस दर्ज करते हुए उसे कोर्ट में पेश किया। जहां से कोर्ट ने उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
लड़की के पिता को पकड़ने वाले लोगों को गोरखपुर ADG अखिल कुमार उनकी बहादुरी के लिए सम्मानित करेंगे। सूर्य प्रकाश, अमित यादव कांस्टेबल, कन्हैया सिंह स्टैंड संचालक और एक अन्य व्यक्ति को एडीजी सम्मानित करेंगे।
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