डेरा सच्चा सौदा पर अब हनीप्रीत का एकाधिकार हो गया है, क्योंकि राम रहीम का पूरा परिवार विदेश जाकर बस गया है। हालांकि राम रहीम की मां नसीब कौर और पत्नी हरजीत कौर इंडिया में रहेंगी, लेकिन बेटा जसमीत, बेटी अमरप्रीत और चरणप्रीत परिवार समेत लंदन जाकर बस गई हैं। अमरप्रीत और चरणप्रीत पहले ही लंदन चली गई थीं। 26 सितंबर को जसमीत भी परिवार के साथ लंदन चला गया।
राम रहीम के परिवार के विदेश में बसने की वजह हनीप्रीत के साथ मतभेद होना है। कुछ समय पूर्व परिवार ने एक पत्र भी अनुयायियों को जारी किया था कि परमार्थ के लिए उनके नाम पर चंदा इक्ट्ठा किया जा रहा है, इसलिए हमारे नाम पर कोई चंदा जुटा जा रहा है तो इसकी जानकारी दें। डेरा प्रमुख के परिवार ने पहली बार अपने अनुयायियों को ऐसा पत्र जारी किया था, ताकि उनके नाम का दुरुपयोग न हो सके।
राम रहीम के परिवार के साथ हनीप्रीत के मतभेद जग जाहिर हैं। डेरा प्रमुख जेल से जारी अपनी 9वीं चिट्ठी में खुद परिवार और हनीप्रीत के बीच एकजुटता को लेकर स्पष्टीकरण दे चुका है। डेरा प्रमुख के परिवार के विदेश जाने के बाद अब हनीप्रीत ही डेरा प्रमुख के सबसे करीब है। क्योंकि डेरा प्रमुख को साध्वी यौन शोषण केस में उम्रकैद की सजा होने के समय हनीप्रीत साथ थी। पंचकूला हिंसा मामले में हनीप्रीत जेल में भी रहकर आई है।
ऐसे में अब हनीप्रीत ही इकलौती है, जो राम रहीम के नजदीक है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बागपत में राम रहीम हनीप्रीत के साथ ही प्रेमियों के समक्ष लाइव हुआ था और उसकी प्रशंसा की थी। डेरे की अरबों रुपए की प्रॉपर्टी ट्रस्ट के नाम पर है। डेरे के पास सिरसा में ही करीब 900 एकड़ जमीन है। पूरे देश में शहरी प्रॉपर्टी और रिहायशी कोठियां अलग हैं। डेरा प्रमुख के बेटे, बेटियों और दामाद के पास कोई जिम्मेदारी नहीं थी।
राम रहीम की बड़ी बेटी अमरप्रीत और दामाद 18 मई 2020 को विदेश चले गए थे। अमरप्रीत ने डेरा छोड़ने के बाद लंदन से अपने घर छोड़ने का दुख जाहिर किया। अमरप्रीत ने ट्वीट किया मेरे परिवार के सभी सदस्यों ने मेरा सपोर्ट किया। हमारे लिए घर और परिवार छोड़ना बड़ा मुश्किल था। हालांकि मैं जानती हूं कि परिवार मेरे साथ हैं और मैं परिवार के साथ। भगवान सबका भला करें। यह मैटर नहीं करता कि वे सपोर्टर हों या नफरत करने वाले।
अपने तो अपने होते हैं। अमरप्रीत ने एक वीडियो भी शेयर की थी, जिसमें घर छोड़ते हुए पूरा परिवार भावुक नजर आ रहा है। वीडियो में पंजाबी गाने के माध्यम से दर्द बयां किया गया है। डेरा प्रमुख की मां नसीब कौर, पत्नी, बेटा जसमीत, बहू हुसनमीत और बाकी सदस्य अमरप्रीत से बिछुड़ते हुए उसे नम आंखों से विदाई दे रहे हैं। इस दौरान हनीप्रीत और प्रबंधन का कोई भी सदस्य नहीं था। इससे स्पष्ट है कि परिवार से उनके रिश्ते बेहतर नहीं है।
राम रहीम ने 28 मार्च को जेल से 9वीं चिट्ठी प्रेमियों को भेजी। मतभेद की चर्चाओं के बीच पहली बार डेरा प्रमुख ने पारिवारिक सदस्यों और हनीप्रीत का जिक्र किया। इससे पारिवारिक रिश्तों में तल्खियों की बात पर विराम लगाने का प्रयास हुआ। इसमें कहा गया था कि उसका परिवार अब विदेश में सेटल होने जा रहा है। मां नसीब कौर और पत्नी हरजीत कौर भी विदेश में रहेंगी। विपासना इंसा की जगह पीआर नैन को नया चेयरपर्सन बनाया जाता है।
डेरा मैनेजमेंट में भी कुछ बदलाव की बात चिट्ठी में थी। हनीप्रीत के समर्थकों को नई जिम्मेदारी दी गईं। पत्र के माध्यम से डेरा प्रेमियों को संदेश देते हुए डेरा प्रमुख ने लिखा कि हमारे सारे सेवादार, एडमिन ब्लॉक सेवादार, जसमीत, चरणप्रीत, हनीप्रीत, अमरप्रीत सब एक हैं और हमारे वचनों पर चलते हैं। चारों हमें रोहतक इकट्ठे छोड़ने आए और वापस भी चारों इकट्ठे गए। जसमीत, चरणप्रीत और अमरप्रीत ने हमसे आज्ञा ली है कि ‘उच्च शिक्षा’ प्राप्ति के लिए वे अपने बच्चों के साथ उन्हें पढ़ाने विदेश जाएंगे। इसलिए प्यारी साध-संगत जी आपने किसी के भी बहकावे में नहीं आना है।
2017 से साधवी यौन शोषण मामले में हुई उम्रकैद की डेरा मुखी काट रहा है। उसे पत्रकार छत्रपति और रणजीत हत्याकांड में भी सजा हो चुकी है। राम रहीम को इसी साल पंजाब चुनाव से ठीक पहले 7 फरवरी को 21 दिन की फरलो मिली थी। इसी दौरान बदलावों की पूरी पटकथा लिखी गई थी। इसके बाद 27 जून को राम रहीम को 30 दिन की पैरोल मिली थी और वह उत्तर प्रदेश के बागपत आश्रम में रूका था। वहां उसके साथ हनीप्रीत भी थी।
