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राम रहीम ने रोहतक जेल लौटने से पहले कहा- बिकाऊ मत बनना, पुराने सेवादारों की तरह विश्वास बनाए रखना 40 दिन की पैरोल खत्म बाबा लौटेंगे जेल

राम रहीम की 40 दिन की पैरोल खत्म हो गई। सुनारिया जेल जाने से पहले राम रहीम ने अपने सेवादारों को 23 नंवबर की रात को अंतिम संदेश दिया। राम रहीम ने हिमाचल चैचेय नगरी, पावंटा साहिब, सिरसा सच्चा सौदा में जुटे सेवादारों को उसमें दृढ़ विश्वास रखने की बात कही।

राम रहीम ने कहा कि सेवा का कोई मुकाबला नहीं है। सेवादार सुबह और शाम 15 मिनट सिमरन किया करें। खाना खाने के बाद 1 किलोमीटर घूमा करें। नंबरों के चक्करों में नहीं पढ़ना, दृढ़ विश्वास रखना है, जैसा पहले सेवादारों ने रखा है। ताकि कोई यह न कह सकें कि आपके सेवादार बिकाऊ है।

राम रहीम ने कहा कि रिश्तों में पवित्रता जायज है। अति पवित्रता भावना अपने मां, बाप, भाई-बहन के साथ रखना है, ताकि समाज के लोग आपको फालो करें। वो आप को देखकर बुराईयां छोड़ दें। डेरे में या घर में भी जब आप आते हैं तो सफाई रखा करें। राम रहीम ने कहा कि मैं खुद बिस्तर से उठते ही सलवट निकालता हूं। चादर, कंबल या रजाई को तह लगाता हूं, हर चीज अपने हाथों से करते हैं, आपको भी इन चीजों को फालो करना चाहिए। इसलिए अपना बिस्तर खुद को संभालें।

राम रहीम ने आगे कहा कि हमने 32 नेशनल गेम्स खेलें है। मुझे छोड़कर बहुत सारे प्लेयर सफाई का ध्यान कम ही रखते थे। उनकी जुराब सूंघा दी जाए तो बेहोशी वाले डॉक्टर की जरूरत नहीं पड़ती थी। खिलाड़ियों को भी साफ सुथरा रहना चाहिए। इसलिए सारे वादे आपसे लेते हैं। बदले में मालिक आपको खुशियां दें।

डेरा मुखी ने कहा कि आपने सेवा पर पक्का रहना है। यह दर शाह मस्ताना, शाह सतनाम का है। सतगुरु से प्रीत लगाई है तो किसी आदमी के कहने से यारी टूट गई तो फिर क्या लगाई। सतगुरु किसी का बुरा नहीं सोचते। कोई भी यह कह देता है कि अपनी मर्यादा से गलत चलकर आपको हमारा नाम लेकर कुछ कहता है तो समझ लो कि वो आदमी गलत हो सकता है।

क्योंकि हम किसी को गलत रास्ता नहीं दिखाते। हमारा काम तो निस्वार्थ भाव से प्रेम करना, सभी धर्मो का आदर करना, सबका सत्कार करना हमारे असूल है, जो कि 1948 से लेकर अब तक चल रहे हैं। राम रहीम ने सभी सेवादारों को आशीर्वाद देकर निशानियां दी।

राम रहीम ने अपनी पैरोल के दौरान 40 दिनों में 300 से ज्यादा सत्संग किए। इस दिनों में उसने हिंदुत्व पर जोर दिया। वेदों को दुनिया के सर्वोच्च ग्रंथ बताया। साथ ही दो नए गाने लांच किए, ताकि नशा से जनता को जागरूक किया जा सकें। नशे के खिलाफ डेप्थ मुहिम भी चलाई। हनीप्रीत को गद्दी मिलने की चर्चाओं पर विराम लगाया और कहा कि हम ही गुरु थे, हैं और रहेंगे।

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