ज्ञानपुर। भाई-बहन के प्यार का प्रतीक रक्षाबंधन इस बार नौ अगस्त को मनाया जाएगा। शनिवार को श्रावण पूर्णिमा के दिन सुबह से दोपहर 2:24 बजे तक सर्वार्थ सिद्धि योग रहेगा। इसके बाद भी दिनभर शुभ योग बना रहेगा। इस बार रक्षाबंधन पर भद्रा का प्रभाव नहीं रहेगा। सुजातपुर निवासी ज्योतिषाचार्य पं. शरद पांडेय के अनुसार राखी बांधने का सबसे शुभ समय सुबह 5:47 बजे से दोपहर 2:24 बजे तक रहेगा। कुल 7.37 घंटे बहनें राखी बांध सकती हैं। उन्होंने बताया कि इस दिन सूर्य कर्क, चंद्र मकर, मंगल कन्या, बुध कर्क, गुरु और शुक्र मिथुन, राहु कुंभ और केतु, सिंह राशि में रहेंगे। सौभाग्य योग, शोभन योग और सर्वार्थसिद्धि योग जैसे शुभ संयोग बन रहे हैं। बहनों को राखी बांधने के लिए सात घंटे 37 मिनट का समय मिलेगा। बताया कि शास्त्रों के अनुसार जब भद्रा भूलोक पर होती है, तब शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं। इस बार ऐसी कोई स्थिति नहीं होगी। बहनें दिनभर राखी बांध सकती हैं। इस बार यह ग्रह-नक्षत्रों की दृष्टि से अत्यंत दुर्लभ व शुभ संयोग वाला दिन रहेगा। ऐसा संयोग कई वर्षों बाद बना है। बताया कि नौ अगस्त को श्रवण नक्षत्र रहेगा। इस दिन चंद्रमा मकर राशि में रहेंगे, जिसके स्वामी शनि हैं और शनिवार का स्वामी भी शनि हैं। श्रवण नक्षत्र स्वयं शनि की राशि में आता है। शास्त्रों के अनुसार श्रवण नक्षत्र के अधिपति विष्णु हैं, जबकि सौभाग्य योग के अधिपति ब्रह्मा हैं।
रक्षाबंधन : भद्रा का साया नहीं, पूरे दिन राखी बांध सकेंगी बहनें

