रोहतक में शनिवार रात से ही मौसम बदला हुआ है। हल्की बूंदाबांदी का दौर चल रहा है। रविवार को भी सुबह आसमान में बाद छाए रहे है और बूंदाबांदी हो रही है। जिसके कारण मंडियों में रखा पीला सोना (गेहूं) बरसात की भेंट चढ़ रहा है। कोई व्यवस्था नहीं होने के कारण बूंदाबांदी के दौरान मंड़ियों में पड़ा गेहूं भीग रहा है।बदले मौसम ने चिंता बढ़ाने का काम किया है। गेहूं को सुरक्षित रखने की चिंता सता रही है। पिछले दिनों हुई बेमौसमी बारिश व ओलावृष्टि ने काफी नुकसान किया था। अब जो फसल अनाज मंडियों में पहुंची है, उसे भी सुरक्षित नहीं माना जा सकता।
रोहतक में विभिन्न खरीद एजेंसियों द्वारा गेहूं व सरसों की खरीद जारी है। जिला की मंडियों व खरीद केंद्रों में अब तक की 117288 मीट्रिक टन गेहूं तथा 12297 मीट्रिक टन सरसों की खरीद की गई है। सरकार द्वारा गेहूं के लिए 2125 रुपए प्रति क्विंटल तथा सरसों के लिए 5450 रुपए प्रति क्विंटल न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित किया गया है।
अब तक 117288 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की गई है, जिसमें से 7612 मीट्रिक टन कलानौर साईलो, 11212 मीट्रिक टन किलोई, 5560 मीट्रिक टन लाखनमाजरा, 4382 मीट्रिक टन मदीना, 18054 मीट्रिक टन महम, रोहतक मंडी में 40148 मीट्रिक टन, सांपला मंडी में 21216 मीट्रिक टन तथा सांघी मंडी में 9104 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हुई है।
