देशभर में मानसून का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। झारखंड और उत्तर प्रदेश में बारिश और आकाशीय बिजली से 17 लोगों की मौत हो गई है, जबकि हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भूस्खलन से 300 से अधिक सड़कें बंद हैं। उधर, केरल में 1 अगस्त से जारी भारी बारिश और बाढ़ के चलते अब तक 25 लोगों की मौत हो चुकी है और 4 लोग लापता हैं। कई राज्यों में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
देश के कई राज्यों में लगातार हो रही बारिश अब जानलेवा साबित हो रही है। झारखंड में मंगलवार को बिजली गिरने से 14 लोगों की मौत हो गई, जबकि 8 लोग घायल हुए हैं। सबसे ज्यादा 9 मौतें गिरिडीह, 3 दुमका और 2 लातेहार जिले में हुईं।
यूपी के मिर्जापुर में 3 लोगों की जान चली गई। दो बच्चों की मौत गड्ढे में डूबने से हुई। एक 25 साल के युवक पर बिजली गिर गई। दूसरी ओर केरलम में 1 अगस्त से लगातार बारिश ने अब तक 25 लोगों की जान ले ली है, जबकि 4 लोग लापता हैं। लगातार बारिश और बाढ़ के कारण हजारों लोगों को घर छोड़ने पड़े हैं।
केरलम सरकार के मुताबिक, 18 हजार से ज्यादा लोगों को राहत शिविरों में रखा गया है। सबसे ज्यादा प्रभावित पथनमथिट्टा, कोट्टायम और अलप्पुझा जिले हैं। वहीं हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बारिश और लैंडस्लाइड के कारण 300 से ज्यादा सड़कें बंद हैं। इनमें हिमाचल की 160 और उत्तराखंड की 100 से ज्यादा सड़कें शामिल हैं। उत्तराखंड के देहरादून और बागेश्वर में 12वीं तक के स्कूलों में आज छुट्टी कर दी गई है।
झारखंड में मंगलवार को आकाशीय बिजली गिरने की अलग-अलग घटनाओं में 14 लोगों की मौत हो गई, जबकि 8 लोग घायल हुए हैं। सबसे अधिक 9 मौतें गिरिडीह, 3 दुमका और 2 लातेहार जिले में दर्ज की गईं। प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचने की अपील की है।
उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में दो बच्चों की गड्ढे में डूबने से मौत हो गई, जबकि एक 25 वर्षीय युवक की जान आकाशीय बिजली गिरने से चली गई। बिजनौर और फर्रुखाबाद में गंगा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, जिससे 40 से अधिक गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। कई स्थानों पर हाईवे पर पानी भर गया, जबकि शामली में तेज बहाव में एक कार बह गई और अंडरपास में फंसी स्कूल बस को ट्रैक्टर की मदद से बाहर निकाला गया।
केरल में लगातार हो रही बारिश और बाढ़ से अब तक 25 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 4 लोग लापता हैं। राज्य सरकार के अनुसार 18 हजार से अधिक लोगों को राहत शिविरों में शिफ्ट किया गया है। पथनमथिट्टा, कोट्टायम और अलप्पुझा जिले सबसे अधिक प्रभावित हैं।
लगातार बारिश के कारण हिमाचल प्रदेश में 160 से अधिक सड़कें, 190 बिजली ट्रांसफॉर्मर और 58 पेयजल योजनाएं प्रभावित हैं। चंडीगढ़-मनाली फोरलेन पर भूस्खलन के चलते यातायात करीब दो घंटे तक बाधित रहा। वहीं उत्तराखंड में भी 100 से अधिक सड़कें बंद हैं। देहरादून और बागेश्वर में भारी बारिश के ऑरेंज अलर्ट के बीच कक्षा 12वीं तक के सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित किया गया है।
मौसम विभाग ने पंजाब और चंडीगढ़ में 5 और 6 अगस्त को भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। पिछले 24 घंटों में पटियाला में सबसे अधिक 143 मिमी वर्षा दर्ज की गई। विभाग के अनुसार 7 अगस्त से भारी बारिश में कुछ राहत मिलने की संभावना है।
असम के शिवसागर जिले के नजीरा सब-डिवीजन में बाढ़ की स्थिति अब ज्यादातर इलाकों में काबू में है। हालांकि, 23 इलाके अब भी प्रभावित हैं। जिला प्रशासन के मुताबिक, सीमावर्ती क्षेत्रों में सबसे ज्यादा तबाही हुई है। नापालिकुटी इलाके में बड़े पैमाने पर जमीन का कटाव हुआ है।
जिला प्रशासन ने बताया कि लगातार बारिश और नगालैंड से आए पानी के कारण कई गांव जलमग्न हो गए थे। हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। अब राहत और बहाली का काम जारी है। अधिकारियों के मुताबिक, बाढ़ से अब तक 26-27 लोगों की मौत हुई है, जबकि 4-5 लोग अब भी लापता हैं।
