हरियाणा में एक बार फिर बदले मौसम ने किसानों की नींद उड़ा दी है। मंडियों में इन दिनों धान, बाजरा व कपास की फसल आ रही है। पिछले दिनों मानूसन के दौरान आई तेज बारिश में भी किसानों की फसलों को काफी नुक्सान पहुंचा था।
अब मानसून का दौर खत्म हो चुका है लेकिन बंगाल की खाड़ी में एक कम दबाव के क्षेत्र बनने तथा पंजाब के ऊपर एक साईक्लोनिक सरकुलेशन बनने से नमी वाली हवाओं से मौसम में बदलाव हुआ है।
मौसम विभाग ने रविवार को उत्तर हरियाणा व दक्षिण हरियाणा में यैलो अलर्ट जारी किया है। रविवार को भी कई स्थानों पर बारिश होने की संभावना है। हिसार में मौसम बदलाव और बारिश होने से दोपहर का पारा सामान्य से 10 डिग्री सैल्सियस नीचे 25.5 डिग्री सैल्सियस पर पहुंच गया है। रात्रि तापमान 22.8 डिग्री सैल्सियस रहा। मौसम वैज्ञानिक के अनुसार इस दौरान दिन के तापमान में गिरावट रहने की संभावना है। 11अक्तूबर के बाद ही राज्य में ज्यादातर क्षेत्रों में मौसम आमतौर पर साफ हो जाने की संभावना है।
इस मौसम प्रणाली का प्रभाव पिछले 2 दिनों से उत्तर पूर्वी राजस्थान, पूर्वी हरियाणा और दक्षिणी जिलों में देखने को मिल रहा है। इस बारिश का कहर किसानों को झेलना पड़ रहा है, क्योंकि बारिश का पानी खेतो मे जमा होने से खेतों में खड़ी कपास, बाजरा और धान की फसलों को नुकसान हो रहा है। इसके अलावा किसानो को मंडियों में भी बेहतर सुविधा न मिलने के कारण फसलों को मंडियों में बने शेड के नीचे डालने को मजबूर है। बारिश ने मार्केट कमेटी द्वारा किए दावों की पोल खोलकर रख दी है।
इस मौसम प्रणाली का प्रभाव Friday से ही शुरू हो गया था, दिल्ली-NCR सहित हरियाणा के संपूर्ण इलाकों को बादलों घेर लिया था। जबकि हरियाणा और दिल्ली NCR मे शनिवार को सुबह से शाम तक रुक-रुक कर हल्की- हल्की बारिश देखने को मिली। अनेक स्थानों पर Temperature में सामान्य से 10 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। वहीं 13 अक्टूबर से हरियाणा व दिल्ली- NCR सहित उत्तर पश्चिमी क्षेत्रों में शुष्क हवाओं का प्रभुत्व हो जाएगा इसके साथ ही शीत ऋतु का प्रभाव भी देखने को मिलेगा।
