Site icon Digital Bhoomi – Haryana's Leading News Plate form and Weekly Newspaper Get latest Haryana News

हरियाणा के 7 जिलों में बारिश-आंधी का अलर्ट, 50 KM/H की रफ्तार से चलेंगी हवाएं; तापमान में 3.1°C की गिरावट

हरियाणा में पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से पिछले तीन-चार दिनों से लगातार बारिश और आंधी-तूफान देखने का मिला है। शनिवार को भी मौसम विभाग ने सात जिलों महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, भिवानी और चरखी दादरी में बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया है।

हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा रहने की संभावना है। अगले दो दिन यानि सात जून तक मौसम ऐसा ही बना रहेगा।

इस बदलाव की वजह से ही जून के महीने में भी यहां मौसम सुहावना बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के औसत अधिकतम तापमान में गुरुवार के मुकाबले शुक्रवार को 3.1 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई, जो सामान्य से 1.7 डिग्री सेल्सियस कम है।

शुक्रवार को राज्य के 23 जिलों में सबसे अधिक तापमान रोहतक में 43.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, हिसार में 39 डिग्री, अंबाला में 37.3 डिग्री, चंडीगढ़ में 36.5 डिग्री और नारनौल में 40 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।

मौसम विभाग ने 6 और 7 जून को प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। इसके साथ ही कुछ जिलों में गरज-चमक और तेज हवाएं चलने का भी अनुमान है। महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, भिवानी और चरखी दादरी जिलों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवा चल सकती हैं। आंधी, बिजली चमकने और गरज के साथ बारिश होने की संभावना है।

प्रदेश में गुरुवार को हुई बारिश की वजह से तापमान में भी गिरावट दर्ज हुई है। इसके कारण जेयष्ठ माह में प्रदेश के 23 जिलों में से 20 में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से कम दर्ज किया गया। केवल तीन शहरों रोहतक, भिवानी और नारनौल में ही तापमान 40 डिग्री से अधिक बना हुआ है।

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, अगले दो दिन यानि 6 और 7 जून तक पश्चिमी विक्षोभ के कारण अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। इस दौरान तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है। इसके बाद 11 जून को मौसम फिर करवट लेगा और आंधी-तूफान के साथ बारिश होगी।

महेंद्रगढ़ और रेवाड़ी सहित दक्षिण हरियाणा के जिलों में मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी है। किसानों को भी फसलों और कृषि उपकरणों की सुरक्षा के लिए आवश्यक इंतजाम करने की सलाह दी गई है।

Exit mobile version