रोहतक की बेटी व रेवाड़ी की बहु मनीषा मित्तल की शिमला के सरस्वती पैराडाइज स्कूल कैंपस में गोली मारकर हत्या करने के मामले में मास्टरमाइंड हिमांक मित्तल व उसके दोस्त गोविंद को पुलिस ने कोर्ट में पेश करके जेल भेज दिया है। गोविंद को पुलिस पहले ही अरेस्ट करके ले गई थी, जबकि हिमांक को 1 जुलाई के दिन शिमला लेकर गए थे। शिमला के सरस्वती पैराडाइज स्कूल में 13 जून को स्कूल संचालिका मनीषा मित्तल की गोलियां मारकर हत्या कर दी गई थी। सूचना पाकर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी खंगाले और शव का पोस्टमॉर्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया। इस मामले में पुलिस ने अब तक भाई सहित 4 लोगों को गिरफ्तार किया है।
शिमला में मनीषा मित्तल की हत्या करवाने के पीछे 500 करोड़ रुपए की प्रोपर्टी को हड़पने की साजिश थी। रोहतक व शिमला में सरस्वती स्कूल के नाम से काफी प्रोपर्टी है, जिसके हिमांक व मनीषा दोनों की मालिक थे। हिमांक ने सारी प्रोपर्टी अकेले लेने के लिए मनीषा की मौत का षड़यंत्र रच दिया। हिमांक मित्तल पर एक जून को गांव सिंहपुरा के पास अज्ञात युवकों द्वारा हमला किया गया था, जिसमें उन्हें चोट लगी थी। हिमांक ने उस दिन भी दोस्त गोविंद को ही फोन करके बुलाया और पुलिस के सामने जब बयान दिए तो गोविंद की मौजूद था। अस्पताल में भी हिमांक से केवल गोविंद ही मिल सकता था। ऐसे में आशंका है कि यह हमला भी साजिश का ही एक हिस्सा तो नहीं था।
शिमला पुलिस ने गोविंद को गिरफ्तार कर 4 दिन के रिमांड पर लिया था, जिससे पूछताछ के बाद पूरी कहानी साफ हो गई। पुलिस के सामने गोविंद ने कई राज उगल दिए, जिसके कारण पुलिस ने हिमांक को भी घायल अवस्था में ही गिरफ्तार करके कोर्ट में पेश किया और अब जेल भेज दिया है। संजौली थाना के जांच अधिकारी विवेक ने बताया कि मनीषा की हत्या करने वाले दोनों शूटर्स और साजिश रचने वाले भाई हिमांक व दोस्त गोविंद को कोर्ट में पेश करके जेल भेज दिया है। हत्या की साजिश से पर्दा उठ चुका है, इसलिए पुलिस ने सभी आरोपियों को पूछताछ के बाद जेल भेजा है।
