पंजाब में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में चूक को लेकर भाजपा खेमा चिंतित है। इसके चलते हरियाणा के सीएम मनोहर लाल और हरियाणा भाजपा अध्यक्ष ओपी धनखड़ शुक्रवार को राज्यपाल बंडारू दतात्रेय से मुलाकात की और ज्ञापन सौंपा गया।
सीएम मनोहर लाल ने कहा कि पीएम के साथ हुई घटना स्वीकृत नहीं है। राष्ट्रपति को पंजाब सरकार को बर्खास्त करना चाहिए। पीएम की सिक्योरिटी एक बड़ा विषय है। लॉ एंड आर्डर का काम करना राज्य सरकार का काम होता है। इतिहास में पहली बार इतनी बड़ी गलती हुई है। पीएम का दौरान एक दिन में नहीं बनता। यदि पंजाब के सीएम अपनी जनता को कंट्रोल नहीं कर सकते, तो पीएम कार्यालय को बताते।
सीएम ने कहा कि कार्यक्रम में सभी मुख्यमंत्री लाइव जुड़े हुए थे। मैं भी जुड़ा हुआ था। पंजाब सीएम चन्नी भी आन लाइन जुड़े हुए थे। वे असहज थे। बार बार उठ रहे थे। कभी इधर जा रहा था तो कभी उधर। वे परेशान थे। वे उसे सपोर्ट कर रहे थे या स्थिति नियंत्रित कर रहे थे, यह पता नहीं, परंतु वे असहज थे। प्रोटेकाल के तहत सीएम को जाना था। यदि उन्हें कोविड था,उसका भी प्रमाण मिल जाएगा। सुप्रीम कोर्ट, गृह मंत्रालय और पंजाब सरकार की रिपोर्ट आएगी। रिटायर्ड आईपीएस भी ने राष्ट्रपति को भी पत्र लिखा है। यह राज्य सरकार का फाल्ट है।
सीएम ने कहा कि इस विरोध प्रदर्शन में जो शामिल हैं यदि उसमें कांग्रेसी नहीं है तो जांच में पता चल जाएगा। कांग्रेसी नेताओं के कार्यक्रम का विरोध आज तक क्यों नहीं हुआ। सीएम पंजाब में जगह जगह आ रहे हैं। यदि पीएम और भाजपा नेताओं का विरोध होता है तो इसके पीछे मंशा का पता चलता है। यदि पंजाब से कोई चूक नहीं हुई तो कमेटी बनाने की जरूरत नहीं थी। सरकार ने कमेटी क्यों बनाई।
सीएम मनोहर लाल ने कहा कि पीएम के आगमन पर अलटरनेंट रूट बनाए जाते हैं। मौसम के खराब होने के बावजूद पंजाब सरकार को रूट की व्यवस्था करनी होती है। पुलिस और बाकी की क्लीयरसेंस देने के बाद ही मूवमेंट शुरू होती है। जो भी घटनाक्रम हुआ, वह शासन और प्रशासन की जानकारी के बिना होगा, ऐसा लगता नहीं है। यह भी कहा जा रहा है पुलिस की ओर से प्रोटेस्ट को उकसाया गया। इसमें बू आती है। इस मामले में सबकी इंकवायरी होगी। सुप्रीम कोर्ट भी इंकवायरी कर रहे हैं। वे निष्पक्ष है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ओपी धनखड़ ने कहा कि हमनें राज्यपाल को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा है। पीएम की सुरक्षा में चूक बड़ी गलती है। इस चूक को किसी प्रकार के बयानों से ढका नहीं जा सका। ओपी धनखड़ ने कहा कि केंद्र सरकार पंजाब में राष्ट्रपति शासन पर फैसला लेगी। पंजाब में कोई जिम्मेदार सरकार नहीं है। भाजपा हरियाणा ने कहा कि इस मामले पर पंजाब सरकार के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
सीएम ने कहा कि पंजाब में राष्ट्रपति शासन लगाना चाहिए। ताकि पंजाब में शांतिपूर्ण चुनाव हो सकें। मुलाकात के बाद सीएम प्रेस कॉन्फ्रेंस को भी संबोधित करेंगे। इससे पहले पंजाब भाजपा राज्यपाल से मुलाकात करके पंजाब सरकार और डीजीपी को बर्खास्त करने की मांग कर चुकी है। गुरुवार को हरियाणा भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया था कि पीएम की रैली में भाजपा कार्यकर्ताओं को जाने से रोकने के लिए 40 थानों की सीमाओं के अंदर पुलिस नाके लगाए गए थे।
हरियाणा भाजपा ने पंजाब सरकार के खिलाफ निंदा प्रस्ताव भी पास किया। बता दें कि 5 जनवरी को पीएम नरेंद्र मोदी का काफिला फिरोजपुर में करीब 20 मिनट फ्लाईओवर पर रूका रहा। ऐसा होने से प्रदर्शनकारी पीएम की गाड़ी के नजदीक पहुंच गए। इसके बाद पीएम सुरक्षा कारणों के कारण रैली रद्द करके वापस बठिंडा एयरपोर्ट पर आ गए।

