रोहतक की महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी (MDU) में रजिस्ट्रार डॉ. कृष्णकांत गुप्ता के खिलाफ कर्मचारियों ने अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। विवाद रिटायर हो चुके कर्मचारी को छुट्टी के दिन ओएसडी लगाने के निर्णय को लेकर शुरू हुआ, जिससे कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ गई है।
एमडीयू नॉन-टीचिंग स्टॉफ एसोसिएशन के प्रधान सुरेश ने बताया कि 1 अप्रैल को एसोसिएशन की बैठक में मांगों को लेकर सांकेतिक धरने का फैसला किया गया था। हालांकि वाइस चांसलर प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने संदेश भेजकर कहा था कि 4 अप्रैल तक उनकी मांगें पूरी कर दी जाएंगी, लेकिन एमडीयू प्रशासन की ओर से अब तक कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया है।
प्रधान सुरेश ने बताया कि मांगों को लेकर उन्होंने VC प्रो. सोमनाथ सचदेवा से कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी में मुलाकात की। VC ने दीक्षांत समारोह में व्यस्त होने के कारण तीन दिन के भीतर मांग पूरी करने का आश्वासन दिया। इसके बाद कर्मचारियों ने मांग पूरी होने तक तीन दिन तक सांकेतिक धरना देने पर सहमति जताई।
प्रधान सुरेश ने बताया कि रजिस्ट्रार डॉ. कृष्णकांत गुप्ता ने छुट्टी के दिन रिटायर हो चुके 62 वर्षीय कर्मचारी को अपना ओएसडी नियुक्त कर दिया, जो गलत है। जब इसका विरोध किया गया, तो वीसी के ओएसडी ने कहा कि रजिस्ट्रार द्वारा नियुक्त ओएसडी का इस्तीफा पहले ही दे दिया गया है, लेकिन रजिस्ट्रार इस विषय पर बात करने को तैयार नहीं हैं।
प्रधान सुरेश ने बताया कि जब कर्मचारी रजिस्ट्रार से मिलने गए तो उन्होंने मुलाकात करने से इनकार कर दिया। इसके बाद कर्मचारियों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान करते हुए धरना शुरू कर दिया। इस दौरान कर्मचारियों ने गुस्सा जताते हुए “रजिस्ट्रार हटाओ, यूनिवर्सिटी बचाओ” के नारे भी लगाए।
प्रधान सुरेश ने बताया कि कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं, जिसके कारण एडम ब्लॉक का सारा काम ठप्प हो गया है। हालांकि, जिन छात्रों के फॉर्म की अंतिम तिथि थी, उनका काम किया गया, क्योंकि कर्मचारी किसी छात्र को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहते थे। बाकी छात्रों के अन्य काम फिलहाल नहीं किए गए हैं।
