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रोहतक लोकसभा में BJP के प्रत्याशी अरविंद शर्मा का विरोध: लोग बोले- 5 साल बाद हो रहे दर्शन, वापस लौटना पड़ा

हरियाणा में लोकसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने सभी 10 सीटों पर अपने प्रत्याशियों की घोषणा सबसे पहले की, लेकिन प्रचार के मैदान में उतरे प्रत्याशियों को लोगों के विरोध का भी सामना करना पड़ रहा है। रोहतक लोकसभा सीट से BJP के कैंडिडेट डॉ अरविंद शर्मा शुक्रवार (5 अप्रैल) की शाम कोसली विधानसभा सीट के गांव सुधराना में चुनावी प्रचार करने पहुंचे तो उन्हें ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा।

ग्रामीणों ने कहा कि सांसद महोदय चुनाव जीतने के बाद पांच साल बाद गांव में दर्शन दे रहे हैं। काफी देर तक ग्रामीणों ने सांसद के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान उनके साथ हल्के के विधायक लक्ष्मण सिंह यादव भी मौजूद रहे।ग्रामीणों को समझाने की कोशिश भी की, लेकिन ग्रामीण नारेबाजी करते रहे। जिसके चलते डॉ अरविंद शर्मा को वापस लौटना पड़ा।

इससे पहले हिसार सीट से बीजेपी के प्रत्याशी रणजीत चौटाला और सोनीपत सीट से प्रत्याशी मोहन लाल बड़ौली भी इसी तरह के विरोध का सामना कर चुके हैं। 2019 को लोकसभा चुनाव में डॉ. अरविंद शर्मा ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्‌डा के बेटे दीपेंद्र हुड्‌डा को करीब 7 हजार वोटों से हरा दिया था। दीपेंद्र हुड्‌डा की हार का सबसे बड़ा कारण रेवाड़ी जिले की कोसली विधानसभा सीट ही बनी थी। यहां से अरविंद को 74 हजार 980 वोटों की लीड मिली थी। जिसे दीपेंद्र हुड्‌डा रोहतक लोकसभा सीट की 9 विधानसभा सीटों में मिले वोटों के अंतर को कम नहीं कर सके।

जिसकी वजह से उनकी 7503 वोटों से हार हुई थी। लेकिन इस बार परिस्थितियां बिल्कुल बदली हुई है। भाजपा ने डॉ अरविंद शर्मा को फिर से रोहतक सीट से प्रत्याशी बनाया है, जबकि दीपेंद्र हुड्‌डा इस बार भी अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं। ऐसे में पूरी संभावना है कि इस बार भी अरविंद शर्मा और दीपेंद्र हुड्‌डा के बीच ही मुकाबला होगा।

हिसार लोकसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी रणजीत सिंह चौटाला को दो दिन पहले 4 अप्रैल को चुनाव प्रचार के दौरान किसानों के विरोध का सामना करना पड़ा था। हिसार में अग्रोहा खंड के गांव श्यामसुख में पगड़ी संभाल जट्टा किसान संघर्ष समिति से जुड़े किसानों ने नारेबाजी की थी। जिससे उनकी जनसभा में बवाल मच गया। बड़ी मुश्किल से पुलिसकर्मियों ने विरोध प्रदर्शन कर रहे किसानों को रोका।

इसके बाद रणजीत चौटाला आधा अधूरा भाषण देकर गाड़ी में बैठकर काफिले के साथ यहां से लौट गए। इस बीच रणजीत चौटाला ने ये कह कर किसानों को शांत करने का प्रयास किया कि हमारी पार्टी को पूरा देश वोट दे रहा है, आपको ठीक न लगे तो वोट न दें। इसके बाद वे अपना भाषण पूरा किए बिना ही चले गए।

एक दिन पहले जींद जिले के गांव नंदगढ़ में सोनीपत लोकसभा से भाजपा प्रत्याशी मोहनलाल बड़ौली का ग्रामीणों ने विरोध कर दिया था। नंदगढ़ गांव की चौपाल में बड़ौली बोलने लगे तो ग्रामीणों ने कहा कि पहले कोई विकास कार्य नहीं हुए, आज फिर से आप वोट मांगने के लिए आ गए हैं। इस पर भाजपा प्रत्याशी ने कहा कि यह तो पूर्व सांसद रमेश कौ​शिक ही बता सकते हैं। मैं आपको उनके पास ले चलता हूं। उन्हीं से पूछ लेना। तब ग्रामीणों ने कहा कि वोट तो अब आप मांगने आए हैं। इसके बाद ग्रामीणों ने नारेबाजी शुरू कर दी। बड़ौली भी भारत माता के जयकारे लगाते हुए गांव से निकल गए। बाद में बड़ौली ने कहा कि जनसभा के दौरान कुछ कांग्रेसी लोग मौजूद थे, जिन्होंने कुछ बातें कहीं हैं।

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