नगर निगम आयुक्त डा0 आनंद कुमार शर्मा ने बताया कि आबादी देह तथा लाल डोरा के अर्न्तगत आने वाली सम्पत्तियो के अधिभोगियो को जल्द से जल्द सम्पत्ति प्रमाण पत्र प्रदान करने बारे पूर्व में हुई बैठक के दौरान निर्देश दिए गए थे। नगर निगम द्वारा पूर्व में केवल 50 सम्पत्ति प्रमाण पत्र ही जारी किए गए थे, इस कार्य को गंभीरता से लिया गया तथा कर्मचारियो की संख्या भी बढाई गई। वर्तमान में नगर निगम द्वारा 1700 सम्पत्ति प्रमाण पत्र सम्पत्तियो के अधिभोगियो को प्रदान किए जा चुके है। संपत्ति के स्वामित्व को सिद्ध करने के लिए दावेदार का शपथ पत्र, जिसमें अबादी देह/लाल डोरा में स्वामित्व/कब्जा का स्पष्ट उल्लेख हो, कोई भी दो दस्तावेज जैसे कि पिछले 10 वर्षो का बिजली बिल, पिछले 10 वर्षाे का पानी का बिल, सरकार द्वारा जारी किए गए दस्तावेज जैसे इपीआईसी, ड्राईविग लाइसंेस, पासपोर्ट, जीएसटी पंजीकरण प्रमाण पत्र आदि जिसमें पता शामिल हो। इसके अतिरिक्त पिछले 10 वर्षाे के अधिकार का पता लगाने के लिए सम्पत्तिकर की रसीदे व निर्मित संरचना का प्रमाण भी दिया जा सकता है। इसके अतिरिक्त दावाकर्ता द्वारा प्रदान किए जाने वाले दस्तावेजों में बिक्री विलेख/हस्तांतरण विलेख, हस्तांतरण विलेख/त्याग विलेख/मुक्ति विलेख/जमाबंदी/फरद, राजस्व अधिकारी के साथ पंजीकृत अदालत का आदेश, रजिस्ट्री/बिक्री विलेख भी मान्य होगा।
आबादी देह तथा लाल डोरा के अर्न्तगत आने वाली सम्पत्तियो के अधिभोगियो से अपील है कि अपनी सम्पत्ति के रिकार्ड की जांच करें यदि आपकी सम्पत्ति का विवरण सही है तो सम्पत्ति की सूचना स्वतः प्रमाणित करते हुए दस्तावेज जमा करवाये क्योकि सम्पत्ति की सूचना स्वतः प्रमाणित होने उपरांत ही नगर निगम, रोहतक द्वारा आपको सम्पत्ति प्रमाण पत्र प्रदान किया जायेगा।
