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रोहतक मे चिन्हित अपराध के मामलों की अदालत में करें उचित पैरवी :- उपायुक्त सचिन गुप्ता,चिन्हित अपराध पर अंकुश लगाने के लिए चिन्हित हॉटस्पॉट पर लगाये जायेंगे सीसीटीवी कैमरे


रोहतक, 10 नवंबर : उपायुक्त सचिन गुप्ता ने कहा कि अपराध करने वाले दोषियों को सजा दिलवाकर ही अपराध को नियंत्रित किया जा सकता है। चिन्हित अपराध के सभी मामलों में अदालत में उचित पैरवी की जाये ताकि गंभीर अपराधों के दोषी व्यक्तियों को सजा दिलवाई जा सके। जिला में चिन्हित अपराध के हॉटस्पॉट पर निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे लगवाये जायेंगे ताकि इन अपराधों पर अंकुश लगाया जा सके।
सचिन गुप्ता स्थानीय लघु सचिवालय स्थित सभागार में पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र सिंह तथा अन्य संबंधित अधिकारियों के साथ चिन्हित अपराध एवं एनकोर्ड की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने जिला में चिन्हित अपराध के तहत दर्ज मामलों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि चिन्हित अपराध के हॉटस्पॉट पर निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे लगवाये जायेंगे ताकि इन अपराधों पर अंकुश लगाया जा सके। उन्होंने जिला में दर्ज डिजिटल अरेस्ट मामले बारे भी जानकारी हासिल की। उन्होंने ड्रग्स नियंत्रण अधिकारी को निर्देश देते हुए कहा कि वे नशीले पदार्थों की अवैध रूप से बिक्री करने वालों पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई करें तथा यह सुनिश्चित करें कि जिला में कोई भी व्यक्ति अवैध रूप से ऐसे नशीले पदार्थों की बिक्री न कर सके।

एसडीएम नशा मुक्ति केंद्रों की नियमित अंतराल पर करें जांच
उपायुक्त सचिन गुप्ता ने जिला में संचालित किए जा रहे नशा मुक्ति केंद्रों बारे भी जानकारी ली। उन्होंने उपमंडलाधीशों को निर्देश देते हुए कहा कि नियमित अंतराल पर नशा मुक्ति केंद्रों की जांच करें तथा इन नशा मुक्ति केंद्रों की संयुक्त जांच रिपोर्ट को निरंतर अपलोड करें। नागरिक अस्पताल की मनोचिकित्सक डॉ. विनीता ने बताया कि जिला में वर्तमान में तीन नशा मुक्ति केंद्र संचालित किये जा रहे है। इनमें स्थानीय पीजीआईएमएस, नागरिक अस्पताल तथा बहु अकबरपुर गांव में एक-एक लाइसेंसशुदा नशा मुक्ति केंद्र संचालित किए जा रहे है।

नागरिकों को साइबर फ्रॉड से बचाव बारे करें जागरूक :- पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र सिंह
पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र सिंह ने कहा कि नागरिकों को साइबर फ्रॉड से बचाव के बारे में समाचार पत्रों के माध्यम से जागरूक किया जाये। उन्होंने आईटी एक्ट के संदर्भ में भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि गंभीर अपराधों को चिन्हित अपराध की श्रेणी में शामिल किया गया है ताकि ऐसे मामलों की सही पैरवी कर दोषियों को सजा दिलवाई जा सके। उन्होंने कहा कि नागरिक मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल व्यक्तियों के बारे में जानकारी दें ताकि नशा मुक्त समाज का निर्माण हो सके। सांपला एवं महम के उपमंडलाधीश वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक में जुड़े। इस अवसर पर जिला जेल अधीक्षक सत्यवान, जिला न्यायवादी सुरेंद्र पाहवा, ड्रग्स नियंत्रण अधिकारी मनदीप मान, मनोचिकित्सक डॉ. विनीता आदि उपस्थित रहे।

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