हरियाणा में धान की सरकारी खरीद एक अक्टूबर से शुरू हो चुकी है, लेकिन राइस मिलर्स की हड़ताल के चलते किसानों की धान की फसल की खरीद नहीं हो पा रही थी। वहीं कार्यवाहक सीएम नायब और राइस मिलर्स एसोसिएशन की वार्ता के बीच समझौता होने के बाद हड़ताल खत्म होने के बाद प्रदेश में सरकारी और बासमती की फसल की खरीद राइस मिलर्स ने शुरू कर दी है।
पिपली अनाज मंडी पहुंचे कार्यवाहक सीएम नायब सैनी


हरियाणा राइस मिलर्स एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के आश्वासन के बाद हड़ताल समाप्त कर दी है। अब राज्य भर की मंडियों में धान का उठान फिर से शुरू होगा। दरअसल एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने बीते कल मुख्यमंत्री से चंडीगढ़ में मुलाकात कर अपनी मांगों से अवगत करवाया था।
मिलिंग शुल्क बढ़ाने के लिए राज्य सरकार केंद्र से अनुरोध करेगी। यदि केंद्र सहमति नहीं देता, तो मिल मालिकों को बोनस देने पर विचार होगा। ड्रायज चार्ज 0.5% से बढ़ाकर 1% करने और आउट-टर्न अनुपात में कमी के लिए केंद्र सरकार से सिफारिश की जाएगी।
वहीं किसान अपना पीला सोना मंडियों में बेचने के लिए ला रहे है। किसानों ने कहा कि पिछले साल की अपेक्षा इस साल धान की आवक कम हुई है, दूसरा भाव भी कम मिल रहा है। पिछले साल चार से साढ़े चार हजार प्रति क्विंटल भाव मिल रहा था। वहीं इस साल भाव में 500 रुपए से एक हजार की मंदी है। किसान को उसकी फसल का लागत से कम भाव मिल रहा है। किसान की लागत भी पूरी नहीं हो रही है। इसलिए किसानों को काफी नुकसान हो रहा है। वहीं आढ़तियों ने भी कहा कि इस साल भाव कम है, पिछले साल ज्यादा भाव किसान को मिल रहा था। पीआर धान सरकारी खरीद पर खरीदा जा रहा।
