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हरियाणा के 4 जिलों में ऑड-इवन फॉर्मूले की तैयारी: NCR में शामिल 14 जिलों में होगी सख्ती, 21 तक वर्क फ्रॉम होम

बढ़ते पॉल्यूशन से निपटने के लिए सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद हरियाणा सरकार ने बुधवार को कुछ सख्त फैसले लिए है। जिसमें वर्क फ्रॉम होम, स्कूल बंद और ऑड इवन फॉर्मूले की सलाह दी गई है।हरियाणा के 4 जिलों में किसी भी समय ऑड-इवन (शम-विषम) सिस्टम लागू हो सकता है। इसके अलावा NCR में शामिल 14 जिलों में सख्ती बरतने यानि वर्क फ्रॉम होम के अलावा स्कूल और शिक्षण संस्थानों को 21 नवंबर तक बंद रखने का फैसला लिया गया है। गुरुग्राम में पहुंचे CM मनोहर लाल ने बताया कि पॉल्यूशन को लेकर गुरुग्राम कमिश्वर, डीसी और कुछ इंजीनियर को शामिल कर एक कमेटी बनाई गई है, जो इस मसले पर अपना सुझाव देगी।

बता दें कि दिल्ली और पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) क्षेत्र में बढ़ते प्रदूषण के प्रकोप को रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए केन्द्र और राज्य सरकार दोनों से जवाब तलब किया था। सर्वोच्च न्यायालय तक मामला पहुंचने के बाद हरकत में आई हरियाणा सरकार ने हरियाणा के 4 जिलों यानि गुरुग्राम, फरीदाबाद, झज्जर और सोनीपत में शिक्षण संस्थानों के साथ ही कोयले और प्रदूषण को बढ़ावा देने वाले कंपनियों को बंद करने का आदेश दिया था। लेकिन उसके बाद भी प्रदूषण कम होने की बजाए लगातार बढ़ता चला गया। अब प्रदूषण के स्तर को कम करने के लिए खुद मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने अधिकारियों के साथ मिलकर एक्शन प्लान तैयार किया है।

बुधवार को गुरुग्राम पहुंचे मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि पॉल्यूशन की समस्या गंभीर है। यह समस्या नई नहीं बल्कि, पिछले कई वर्षों से हम झेल रहे हैं। इसका सीधा असर आमजन के स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है। सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के अनुसार स्कूल-कॉलेज के अलावा अन्य शिक्षण संस्थान और कुछ ओद्योगिक इकाईयों को भी बंद किया गया है।

साथ ही कोयला से संबंधित उद्योग और अन्य उद्योगों पर भी फैसला लेने के निर्देश दिए जा चुके हैं। प्रदूषण को कम करने के लिए गुरुग्राम कमिश्नर और डीसी की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया गया है जिसमें इंजीनियरिंग और संबंधित विभागों के अधिकारियों को शामिल किया गया है। यदि सबकी सहमति बनती है तो ऑड-इवन के फैसले पर अगले सप्ताह तक फैसला लिया जा सकता है।

इसके अलावा 10 साल पुराने डीजल व 15 साल पुराने पैट्रोल वाहनों को भी चिन्हित किया जाएगा। वहीं खुले में कचरा जलाने की गतिविधियों पर भी रोक लगाई जाएगी। इसके अतिरिक्त बिना कवर की गई निर्माण सामग्री ले जा रहे भारी वाहनों पर भी होगी कार्रवाई होगी। वहीं NCR क्षेत्र में निर्माण कार्यों पर भी रोक लगाई गई है।

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