रोहतक के पीजीआईएमएस में कोरोना को लेकर तैयारियां अधूरी हैं। कोरोना की जांच के लिए यूएस एड की ओर से जीनोम सीक्वेंसिंग मशीन भेंट की गई थी, लेकिन वह मशीन बिना रीजेंटके बेकार है।

पीजीआई प्रशासन ने रीजेंट की डिमांड भेजी है। पीजीआईएमएस में कोरोना की जांच के लिए अलग से व्यवस्था की गई है। पीजीआई कोरोना के सैंपल लेने के लिए पूरी तरह तैयार है,

लेकिन इसकी जांच रिपोर्ट का इंतजार करना पड़ेगा। क्योंकि पीजीआई की लैब में मौजूद मशीन में रीजेंट नहीं है, जिस कारण अभी मशीन में जांच संभव नहीं है।

पीजीआई की लैब में 2023 में लैब के अंदर कोरोना की जांच बंद हो गई थी। कोरोना के केस खत्म होने के बाद जो रीजेंटबचे हुए थे, वह एक्सपायर हो गए। दूसरी डिमांड इसलिए नहीं की गई, क्योंकि कोरोना का कोई केस रोहतक में नहीं आ रहा था। अब अचानक से प्रदेश के कुछ जिलों में केस मिले है तो डिमांड भेजी जा रही है।

पीजीआई के हेड ऑफ दा डिपार्टमेंट जिनोम सीक्वेंसिंग लैब डॉ. धारा धोलाखंडी ने बताया कि पिछले दो साल से कोरोना का कोई मरीज नहीं है। इसलिए रीजेंटकी डिमांड नहीं की गई। पीजीआई में कोरोना टैस्ट की सुविधा है, लेकिन रीजेंटमिलने के बाद ही जांच हो सकेगी। जिनोम सीक्वेंसिंग मशीन ठीक है, केवल रीजेंटमिलने का इंतजार है। डिमांड भेज दी है। जैसे ही रीजेंटमिलेगा, जांच शुरू कर दी जाएगी।

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