चंडीगढ़। हरियाणा में दिवाली से पहले ही वायु प्रदूषण का स्तर तेजी से बढ़ने लगा है। गुरुवार को देश के 12 सबसे प्रदूषित शहरों में हरियाणा के 7 शहर शामिल रहे। गुरुग्राम के पंचगांव में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 391 दर्ज किया गया, जो देश में सबसे अधिक रहा।
प्रदूषण के कारण लोगों को सांस लेने में परेशानी, आंखों में जलन और गले में खराश जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। नवजात बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी बीमारियों से जूझ रहे लोगों पर इसका ज्यादा असर पड़ने की आशंका है।
बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए गुरुग्राम, फरीदाबाद और सोनीपत में सरकारी व निजी कार्यालयों को 50 प्रतिशत कर्मचारियों को ही कार्यालय बुलाने की एडवाइजरी जारी की गई है। वहीं, रोहतक में प्रदूषण नियंत्रण नियमों के उल्लंघन पर NGT ने 28 कंपनियों और इकाइयों को नोटिस जारी किए हैं।
देश के 12 सबसे प्रदूषित शहरों में हरियाणा के 7
गुरुवार को देश के सबसे प्रदूषित शहरों की सूची में हरियाणा के सात शहर शामिल रहे। इनमें पंचगांव 391 AQI के साथ पहले स्थान पर रहा।
प्रदूषण की गंभीर स्थिति वाले शहरों में पंचगांव, बहादुरगढ़, जींद, बल्लभगढ़, कैथल, गुरुग्राम और मानेसर शामिल हैं। इसके अलावा प्रदेश के 12 अन्य शहरों में AQI 201 से 300 के बीच दर्ज किया गया, जो खराब श्रेणी में आता है।
प्रशासन ने उठाए सख्त कदम
कार्यालयों में 50 प्रतिशत कर्मचारियों को बुलाने की एडवाइजरी: गुरुग्राम, फरीदाबाद और सोनीपत में सरकारी व निजी कार्यालयों को 50 प्रतिशत कर्मचारियों को ही ऑफिस बुलाने के निर्देश दिए गए हैं। बाकी कर्मचारियों को घर से काम करने की व्यवस्था करने को कहा गया है।
निर्माण और तोड़फोड़ गतिविधियों पर पाबंदी: GRAP के तहत निर्माण और तोड़फोड़ से जुड़ी गतिविधियों पर रोक लगाई गई है। हालांकि मेट्रो, रेलवे, बस स्टैंड, अस्पताल, राष्ट्रीय सुरक्षा और राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़ी परियोजनाओं को छूट दी गई है।
रोहतक में 28 कंपनियों को नोटिस: प्रदूषण नियंत्रण नियमों के उल्लंघन पर NGT ने रोहतक की 28 कंपनियों और इकाइयों को नोटिस जारी किए हैं।
गुरुग्राम में 54 चालान: धूल नियंत्रण संबंधी आदेशों का पालन नहीं करने पर गुरुग्राम में 54 चालान किए गए और 13.50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया।
पराली के मामले कम, फिर भी प्रदूषण का स्तर ज्यादा
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस बार पराली जलाने के मामले अपेक्षाकृत कम सामने आए हैं। इसके बावजूद प्रदूषण का स्तर अधिक बना हुआ है। इसकी एक बड़ी वजह मौसम में बदलाव और हवा की धीमी गति बताई जा रही है।
हवा की रफ्तार कम होने के कारण प्रदूषक कण वातावरण में फैलने के बजाय धरातल के आसपास जमा हो रहे हैं। इससे प्रदूषण का असर बढ़ रहा है।
धुआं, धूल और नमी से बन रही स्मॉग की स्थिति
चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मौसम विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ. मदन खीचड़ के अनुसार, प्रदेश में पिछले पांच दिनों से मौसम खुश्क बना हुआ है। इस दौरान उत्तर-पश्चिमी हवाएं हल्की गति से चलीं और रात के तापमान में कमी आई।
इससे धुआं और धूल के कण वातावरण में मौजूद नमी के साथ मिल गए, जिसके कारण प्रदेश के कुछ हिस्सों में स्मॉग की स्थिति बनी हुई है।
10 नवंबर तक मौसम खुश्क रहने की संभावना
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, हरियाणा में 10 नवंबर तक मौसम आमतौर पर खुश्क रहने की संभावना है। गुरुवार को कुछ स्थानों पर आंशिक बादल छा सकते हैं, लेकिन इसके बाद मौसम साफ रहने का अनुमान है।
इस दौरान उत्तर और उत्तर-पश्चिमी हवाएं हल्की से मध्यम गति से चल सकती हैं। इससे रात के तापमान में हल्की गिरावट और दिन के तापमान में मामूली बढ़ोतरी होने की संभावना है।
मौसम विभाग ने 14 नवंबर को बारिश की संभावना जताई है। बारिश होने के बाद प्रदूषण के स्तर में कुछ कमी आने की उम्मीद है।

