हरियाणा में पिछले 19 दिनों से जारी सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के कारण जगह-जगह कचरे के अंबार लगे हैं। कर्मचारियों ने सफाई का कार्य पूरी तरह से बंद कर दिया है और नगर परिषद कार्यालयों के बाहर धरने पर बैठे हुए हैं।
इसको लेकर जब प्रशासन एक्शन में आया और कूड़ा उठाने लगे तो सफाईकर्मी पुलिस और अधिकारियों से ही भिड़ गए। बहादुरगढ़ में पुलिस बल की मौजूदगी में शहर से कूड़ा उठाने का प्रयास किया गया, लेकिन सफाई कर्मचारियों ने विरोध करना शुरू कर दिया।
इस पर एक महिला सफाई कर्मचारी और पुलिसकर्मी के बीच तीखी बहस भी गई। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में महिला सफाई कर्मचारी पुलिस जवान से कहती नजर आ रही है कि तू वर्दी में है, कोई आम आदमी होता तो इतनी चप्पल मारती कि याद रखता।
उधर, फतेहाबाद में प्रशासनिक टीमें जब कचरा उठाने आई तो सफाईकर्मियों ने लोडर घेर लिया और राष्ट्रगान गाने लगे, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया ताकि सफाई का काम बिना रुकावट चल सके।
फतेहाबाद में कर्मचारी नगर परिषद कार्यालय और डंपिंग साइट्स पर लगातार पहरा दे रहे थे। रविवार रात करीब 1 बजे पुलिस की टीमों ने रणनीति बनाकर कर्मचारियों को अलग-अलग पॉइंट की तरफ ध्यान भटकाया और 1:15 बजे दर्जनों गाड़ियों का काफिला भूना रोड स्थित मुख्य डंपिंग पॉइंट पर जा पहुंचा।
जैसे ही प्रशासनिक टीमें और गाड़ियां मौके पर पहुंचीं, तो कर्मचारियों ने जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी। कर्मचारियों ने आगे चल रहे लोडर को घेर लिया और उसके ऊपर चढ़कर विरोध जताया। इसके तुरंत बाद पुलिस एक्शन मोड में आई और कर्मचारियों को हिरासत में लेना शुरू कर दिया।
50 से ज्यादा कर्मचारियों को हिरासत में लेकर बसों के जरिए थाना और चौकियों में भेजा गया। इस दौरान कुछ कर्मचारी कचरा पॉइंट के पास खड़े होकर राष्ट्रगान गाने लगे, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें भी हिरासत में ले लिया ताकि सफाई अभियान निर्बाध रूप से चलाया जा सके।
बदबू और बीमारियों के खतरे से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने आखिरकार रात के अंधेरे में बड़ा कदम उठाया। सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप होने पर जिला प्रशासन ने एक अहम बैठक की और आधी रात को कचरा उठाने की रणनीति बनाई। रात करीब 12 बजे भारी पुलिस बल की तैनाती के साथ प्रशासन की टीमें ढांड रोड स्थित कचरा पॉइंट पर जेसीबी मशीन और ट्रैक्टर ट्राली के साथ पहुंची। रोड से कचरे का उठान करवाया।
फरीदाबाद में फरवरी 2026 में एक औद्योगिक इकाई में आग बुझाने के दौरान दो दमकल कर्मचारियों भवी चंद शर्मा और रणवीर सिंह की मौत हो गई थी। दोनों कर्मचारी ड्यूटी पर तैनात थे और आग की चपेट में आ गए।
इसके बाद कर्मचारी यूनियन ने दोनों को शहीद का दर्जा, परिवार को ₹1-1 करोड़ मुआवजा और एक-एक आश्रित को पक्की सरकारी नौकरी देने की मांग उठाई। सरकार की ओर से शुरुआत में ₹30-30 लाख की सहायता का ऐलान बताया गया था, लेकिन यूनियन इससे संतुष्ट नहीं हुई।
सफाई कर्मचारियों और सरकार के बीच मांगों को लेकर वार्ता हुई, लेकिन बातचीत सिरे नहीं चढ़ सकी। इसके चलते कर्मचारियों की हड़ताल फिलहाल जारी है। सफाई व्यवस्था को लेकर प्रशासन और कर्मचारियों के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई है।

