नारनौल। शहर के बड़ा बाग मोहल्ले में चिट्टे की बिक्री और नशे के कारोबार का आरोप लगाते हुए मंगलवार रात मोहल्लावासियों ने सिटी थाना पहुंचकर हंगामा किया। लोगों ने क्षेत्र में नशे की बिक्री पर रोक लगाने और मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। इस दौरान लोगों ने करीब 40 मिनट तक थाने में अपनी शिकायत रखी।
मोहल्ला निवासी रमेश कुमार ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में लंबे समय से चिट्टे की बिक्री हो रही है। इससे युवा और बच्चे नशे की चपेट में आ रहे हैं। उन्होंने पुलिस से नशे की बिक्री करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। वहीं राजेंद्र सिंह यादव ने भी क्षेत्र में चिट्टे की बिक्री को लेकर जांच और कार्रवाई की मांग उठाई।मोहल्लावासियों ने एक पुलिसकर्मी के मेडिकल की भी मांग की।
शहर थाना प्रभारी वीरेंद्र सिंह ने बताया कि संबंधित पुलिसकर्मी मोहल्ले में दूध लेने जाता है। दूध विक्रेता की भैंस बिक जाने के कारण कुछ दिन से दूध बंद था। मंगलवार शाम पुलिसकर्मी दूध के बारे में पूछने वहां गया था। इसी दौरान कुछ लोग एकत्र होकर थाने पहुंच गए। लोगों को समझाकर वापस भेज दिया गया। वही पुलिस कर्मी पर लगाए गए सभी आरोप निराधार है।
डीएसपी भारत भूषण ने बताया- लोगों ने आरोप लगाया कि ईएचसी संजय शराब के नशे में है और नशीले पदार्थों की बिक्री करता है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल कर्मचारी का मेडिकल करवाया। मेडिकल रिपोर्ट में उसके शराब पीने की पुष्टि हुई।
डीएसपी ने बताया कि नशीले पदार्थों की बिक्री से जुड़े आरोपों को लेकर अभी तक कोई पुख्ता सबूत सामने नहीं आया है। हालांकि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। जांच में यदि कर्मचारी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
डीएसपी ने कहा कि महेंद्रगढ़ पुलिस की नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति है। पुलिस कर्मचारी हो या आम व्यक्ति, यदि कोई नशीले पदार्थों की सप्लाई करता पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि जिले में नशे के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
