रोहतक के गांधी कैंप में पुलिस चौकी दोबारा खोलने की मांग को लेकर स्थानीय लोग कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हेमंत बख्शी के नेतृत्व में डीसी सचिन गुप्ता और एसपी नरेंद्र बिजारणिया से मिले।
अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि इलाके में जल्द ही चौकी खोली जाएगी ताकि लोगों में सुरक्षा और भरोसा बना रहे। हेमंत बख्शी ने बताया कि 11-12 सितंबर की रात को कुछ शराबियों ने लगभग 45 मिनट तक इलाके में आतंक मचाया।
उन्होंने गाड़ियों के शीशे तोड़े और एक दुकान में आग भी लगा दी। पुलिस मौके पर देर से पहुंची, जिससे हालात बिगड़ गए। अब स्थिति यह है कि लोग घर से बाहर निकलने से भी डर रहे हैं।
हेमंत बख्शी ने बताया कि गांधी कैंप में पहले पुलिस चौकी थी, जिसके कारण क्राइम कम था। लेकिन एसपी हिमांशु गर्ग के समय पुलिस चौकी को हटवा दिया, जिसके बाद से लोगों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है।
रात के समय लोग शराब पीकर हंगामा करते है। महिलाएं रात के समय घर से बाहर नहीं निकल सकती। घर के बाहर ही चबूतरों पर लोग शराब पीते हैं।
हेमंत बख्शी ने कहा कि गांधी कैंप में आतंक का माहौल बना हुआ है। लोग अपने बच्चों को रात के समय घर से बाहर निकलने नहीं देते। पिछले दिनों मात्र 200 रुपए नहीं देने पर एक दुकानदार के गले पर तलवार लगाकर उसकी दुकान में आग लगा दी। इसका वीडियो भी वायरल हुआ था।
गांधी कैंप निवासी अंजू ने बताया कि आधी रात को लोग लड़ाई झगड़ा करते हैं। रात को डेढ़ व दो बजे रोजाना झगड़ा होता है। शराब पीकर लोग हंगामा करते है। हंगामा करने वाले लोग कौन है, कहां से आते है, उन्हें इसके बारे में नहीं पता। लोगों को भयमुक्त करने के लिए गांधी कैंप में पहले की तरह पुलिस चौकी होनी चाहिए।
डीसी सचिन गुप्ता ने आश्वासन दिया कि एसपी से इस बारे में बात करेंगे। अगर गांधी कैंप में पुलिस चौकी की जरूरत है तो जल्द इस पर विचार किया जाएगा। लोगों को परेशान होने नहीं दिया जाएगा। लोगों की सुरक्षा करना, प्रशासन का पहला दायित्व है।
