प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पेट्रोल-डीजल बचाने की अपील का असर अब हरियाणा में भी दिखने लगा है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अपने काफिले में शामिल गाड़ियों की संख्या को सीमित करने का फैसला लिया है।
सीएम के इस निर्णय के बाद अब मुख्यमंत्री, मंत्रियों और बीजेपी के सांसद-विधायकों के काफिले छोटे नजर आएंगे। मुख्यमंत्री ने साफ किया है कि अगले आदेश तक उनके काफिले में केवल सुरक्षा के लिए जरूरी वाहन ही शामिल होंगे।
मुख्यमंत्री नायब सैनी ने यह जानकारी सोशल मीडिया के जरिए साझा करते हुए कहा कि ईंधन बचत को बढ़ावा देने के लिए यह कदम उठाया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि सप्ताह में एक दिन वह बिना काफिले के काम करेंगे।
सरकार की ओर से मंत्रियों और अधिकारियों को भी निर्देश दिए गए हैं कि यात्रा के दौरान सीमित वाहनों का ही उपयोग करें। साथ ही, अधिकतर सरकारी बैठकों को वर्चुअल माध्यम से आयोजित करने पर जोर दिया गया है, ताकि अनावश्यक यात्रा और ईंधन खर्च को कम किया जा सके।
मुख्यमंत्री ने हरियाणा की जनता से भी इस अभियान में सहयोग करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि लोग ज्यादा से ज्यादा सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करें और ईंधन बचत में अपना योगदान दें।
सरकार का मानना है कि इस पहल से न सिर्फ ईंधन की बचत होगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलेगी।
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